सऊदी अरब के जेद्दा में GCC देशों की एक बड़ी मीटिंग खत्म हुई है। इस समिट में खाड़ी देशों के बड़े नेताओं ने ईरान की हरकतों पर कड़ी नाराजगी जताई। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और जहाजों के रास्ते रोकने की कोशिशों का कड़ा विरोध किया गया। इस बैठक में सुरक्षा और भविष्य के प्रोजेक्ट्स को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।

📰: USA की नाकेबंदी से ईरान बेहाल, Chabahar पोर्ट पर फंसे 20 से ज़्यादा जहाज़, भारत की चिंता बढ़ी

ईरान की हरकतों पर GCC देशों ने क्या कहा?

GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने बताया कि सभी सदस्य देशों ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और जहाजों की आवाजाही रोकने के फैसलों को पूरी तरह गलत माना है। नेताओं ने मांग की है कि इस रास्ते की सुरक्षा को वैसा ही किया जाए जैसा 28 फरवरी 2026 से पहले था।

  • ईरान द्वारा GCC देशों और जॉर्डन पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की गई।
  • इन हमलों में आम लोगों की जान गई और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुँचा।
  • GCC देशों ने कहा कि ईरान के प्रति उनका भरोसा खत्म हो गया है और अब ईरान को इसे फिर से बनाने के लिए गंभीर कोशिशें करनी होंगी।

सुरक्षा और मिलिट्री को लेकर क्या बड़े फैसले हुए?

बैठक में यह साफ किया गया कि खाड़ी देशों की सुरक्षा एक है, यानी अगर किसी एक देश पर हमला हुआ तो उसे सभी पर हमला माना जाएगा। UAE के डिप्टी पीएम शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि आतंकवाद और कट्टरपंथ से लड़ने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा।

  • संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत सभी सदस्य देशों को अपनी रक्षा करने का पूरा हक है।
  • बैलिस्टिक मिसाइलों से बचने के लिए एक ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ (समय से पहले चेतावनी देने वाला सिस्टम) के काम में तेजी लाई जाएगी।
  • सदस्य देशों के बीच मिलिट्री तालमेल को और मजबूत करने पर सहमति बनी।

तेल और गैस प्रोजेक्ट्स पर क्या अपडेट है?

सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक विकास पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने नए तेल, गैस और पानी के प्रोजेक्ट्स को जल्द से जल्द पूरा करने की बात कही। इसी बीच एक बड़ा अपडेट यह आया कि UAE ने 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ से अलग होने का फैसला किया है। यह फैसला UAE की अपनी भविष्य की आर्थिक रणनीति और एनर्जी प्रोफाइल को देखते हुए लिया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

GCC देशों ने ईरान के खिलाफ क्या मांग की है?

GCC देशों ने मांग की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा को वापस वैसा ही किया जाए जैसा 28 फरवरी 2026 से पहले था।

UAE ने OPEC छोड़ने का फैसला क्यों किया?

UAE ने अपनी लंबी अवधि की रणनीतिक और आर्थिक योजना और बदलते एनर्जी प्रोफाइल को देखते हुए 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ से बाहर निकलने का निर्णय लिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.