सऊदी अरब के जेद्दा में 28 अप्रैल 2026 को GCC देशों की एक बहुत अहम बैठक हुई। इस मीटिंग में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान समेत सभी सदस्य देशों के बड़े नेता शामिल हुए। ईरान की तरफ से किए गए हमलों ने पूरे इलाके की नींद उड़ा दी है, जिसके बाद अब सभी देशों ने मिलकर कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है।

ईरान के हमलों पर GCC देशों ने क्या कहा?

मीटिंग के दौरान सभी नेताओं ने ईरान द्वारा GCC सदस्य देशों और जॉर्डन पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। नेताओं का कहना था कि इन हमलों की वजह से ईरान पर से भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है और अब तेहरान को विश्वास जीतने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। इस बारे में कुछ मुख्य बातें सामने आईं:

  • आत्मरक्षा का अधिकार: सभी नेताओं ने साफ किया कि UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत हर सदस्य देश को अपनी रक्षा करने का पूरा हक है।
  • एक की सुरक्षा सबकी सुरक्षा: यह तय हुआ कि अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो उसे सभी देशों पर हमला माना जाएगा।
  • अंतरराष्ट्रीय मदद: GCC ने दुनिया भर के देशों से मांग की है कि वे ईरान पर दबाव डालें ताकि वह UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का पालन करे।

मिसाइल हमलों से बचने के लिए क्या नया इंतजाम होगा?

सुरक्षा को लेकर इस बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। अब सभी सदस्य देश अपनी सेनाओं को और ज्यादा करीब लाएंगे ताकि किसी भी खतरे का मुकाबला मिलकर किया जा सके। इसके लिए एक यूनिफाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम (Unified Early Warning System) लगाया जाएगा, जो बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे की खबर तुरंत देगा।

GCC के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदईवी ने बताया कि ईरान के हालिया हमलों में से 85 प्रतिशत से ज्यादा हमले सिर्फ खाड़ी देशों पर हुए, जिनमें आम लोगों की जगहों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। उन्होंने इन हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।

Strait of Hormuz पर क्या फैसला लिया गया?

समुद्री रास्तों को लेकर भी बैठक में लंबी चर्चा हुई। नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के आने-जाने पर कोई पाबंदी नहीं लगा सकता और न ही कोई ट्रांजिट फीस वसूल सकता है। कतर ने भी इस बात का पुरजोर समर्थन किया और कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते का इस्तेमाल किसी हथियार या टूल की तरह नहीं किया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से यहाँ जहाजों का आना-जाना सुरक्षित और फ्री होना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

GCC देशों ने ईरान के खिलाफ क्या चेतावनी दी है?

GCC नेताओं ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि सदस्य देशों को अपनी सुरक्षा के लिए UN चार्टर के तहत किसी भी जरूरी कदम को उठाने का पूरा अधिकार है।

मिसाइल हमलों से बचने के लिए क्या योजना बनाई गई है?

मिसाइल खतरों से निपटने के लिए GCC देश अब एक ‘यूनिफाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ तैनात करेंगे, जिससे मिसाइल हमले की जानकारी समय रहते मिल सके।