GCC देशों के पर्यटन मंत्रियों ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है. यह जानकारी कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) ने साझा की है. इस तनाव की वजह से खाड़ी देशों के पर्यटन क्षेत्र पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है.

पर्यटन क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा

GCC महासचिव Jasem Albudaiwi ने चेतावनी दी है कि इस मौजूदा तनाव की वजह से पर्यटकों की संख्या में 19 मिलियन की कमी आ सकती है. इस गिरावट से GCC देशों को लगभग 32 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है. पर्यटन मंत्रियों ने इसी गंभीर चिंता को देखते हुए नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमलों की निंदा की है.

हाल के हमलों और विवादों की जानकारी

क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:

  • कुवैत: 9 अप्रैल 2026 को कुवैत ने ईरान और उसके समर्थकों द्वारा ड्रोन हमलों की निंदा की और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया.
  • सऊदी अरब: सऊदी अरब ने रिपोर्ट किया कि हालिया हमलों की वजह से उसकी एक मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुँचा है.
  • ईरान का जवाब: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है.
  • व्यापार पर असर: 10 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz बंद रहा, जिससे समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या कदम उठाए गए

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने Resolution 2817 पारित किया, जिसमें ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की गई. GCC के विदेश मंत्रियों और यूनाइटेड किंगडम ने भी एक विशेष बैठक कर इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया. मार्च में कई देशों ने संयुक्त बयान जारी कर अपनी आत्मरक्षा के अधिकार की बात कही और ईरान से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की मांग की.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.