खाड़ी देशों (GCC) के पर्यटन मंत्रियों ने एक अहम बैठक में साफ किया है कि इस क्षेत्र में घूमना पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि पर्यटन से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो रहे हैं और सैलानियों का स्वागत जारी है। हालांकि, ईरान द्वारा नागरिक ठिकानों पर किए गए हमलों की मंत्रियों ने कड़ी निंदा की है।

पर्यटन पर क्या असर पड़ेगा और क्या है तैयारी?

बैठक में GCC देशों के मंत्रियों ने कहा कि क्षेत्र का बुनियादी ढांचा काफी मजबूत है, जिससे पर्यटन क्षेत्र में कोई बड़ी बाधा नहीं आएगी। GCC महासचिव Jasem Albudaiwi ने बताया कि अगर तनाव बढ़ता है तो 8 से 19 मिलियन सैलानी कम हो सकते हैं। इससे लगभग 13 अरब से 32 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान हो सकता है। इसी वजह से अब सभी सदस्य देश एकजुट होकर काम कर रहे हैं।

ईरान के हमलों और सुरक्षा पर क्या कहा गया?

मिनिस्टरों ने ईरान द्वारा बंदरगाहों, हवाई अड्डों और ऊर्जा केंद्रों पर किए गए हमलों को गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा कि ये हमले सीधे तौर पर GCC देशों की संप्रभुता का उल्लंघन हैं। सुरक्षा को लेकर ये बातें सामने आईं:

  • ईरान से UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने की मांग की गई।
  • 9 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत किया गया।
  • सैलानियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा गया है और अधिकारी पूरी तरह तैयार हैं।

आने वाले समय में क्या बदलाव दिखेंगे?

खाड़ी देशों में अब एक साझा ‘ग्रैंड टूरिस्ट वीज़ा’ पर काम चल रहा है, जिससे सैलानियों को एक देश से दूसरे देश जाने में आसानी होगी। सऊदी अरब का Vision 2030 पर्यटन को अर्थव्यवस्था का मुख्य हिस्सा बना रहा है। जो भारतीय अक्सर यहाँ यात्रा करते हैं या नौकरी करते हैं, उनके लिए यह स्थिरता अच्छी खबर है क्योंकि इससे बिजनेस और पर्यटन के नए रास्ते खुलेंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.