Gulf देशों और United Kingdom (UK) के बीच व्यापार को आसान बनाने के लिए बड़ी तैयारी चल रही है। GCC चीफ और ब्रिटेन की सरकार उन रुकावटों को हटाने में जुटे हैं जो फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के रास्ते में आ रही हैं। अगर यह डील पूरी तरह लागू होती है, तो इससे व्यापार करने का तरीका काफी बदल जाएगा।
GCC और UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट क्या है?
यह एक ऐसा समझौता है जिससे Gulf देशों और ब्रिटेन के बीच सामान और सेवाओं के लेन-देन पर टैक्स कम होगा या खत्म होगा। इस समझौते में सऊदी अरब, UAE, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन शामिल हैं। इस डील की बातचीत जून 2022 में शुरू हुई थी और जुलाई 2025 में इस पर हस्ताक्षर किए गए थे। अब इसे मई 2026 की शुरुआत तक पूरी तरह लागू करने की उम्मीद है।
अभी कौन सी रुकावटें बाकी हैं और क्या अपडेट है?
कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के मुताबिक, दोनों पक्ष अब उन छोटी समस्याओं को सुलझा रहे हैं जो अभी बाकी हैं। GCC के सेक्रेटरी जनरल Jasem Mohamed Albudaiwi ने इसे एक बड़ा रणनीतिक मौका बताया है और कहा है कि अब बहुत कम मुद्दे बचे हैं।
- ब्रिटेन के बिजनेस और ट्रेड सेक्रेटरी Peter Kyle ने 20 अप्रैल 2026 को बताया था कि इस समझौते को लेकर बड़ी घोषणा जल्द ही होगी।
- अक्टूबर 2025 की एक बैठक में UK के ट्रेड मिनिस्टर Chris Bryant ने भी इस डील के जल्द पूरा होने पर भरोसा जताया था।
- बातचीत के दौरान मानवाधिकार और पर्यावरण से जुड़े नियमों को लेकर कुछ चर्चाएं हुई हैं, जिन्हें सुलझाने पर काम चल रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह व्यापार समझौता कब से लागू होगा?
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को मई 2026 की शुरुआत तक लागू किए जाने की उम्मीद है।
इस डील में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
इस समझौते में यूनाइटेड किंगडम (UK) और GCC के सभी छह सदस्य देश यानी सऊदी अरब, UAE, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन शामिल हैं।