GCC देशों में बदल गए साझा प्रॉपर्टी के नियम, सऊदी कैबिनेट ने दी मंजूरी, अब घर के बाहर बदलाव करना होगा मुश्किल

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और प्रॉपर्टी मालिकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सऊदी अरब की कैबिनेट ने साझा संपत्तियों यानी शेयर्ड प्रॉपर्टीज के लिए GCC के नए और एकीकृत नियमों को मंजूरी दे दी है। यह फैसला 21 जुलाई 2026 को लिया गया, जिसके बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में आवासीय और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के प्रबंधन को लेकर एक नया और पारदर्शी ढांचा तैयार हो गया है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य इमारतों और कॉम्प्लेक्स के अंदर रहने वाले लोगों के बीच तालमेल बिठाना और प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को कम करना है।
नए नियमों से क्या बदलेगा
इस फैसले के तहत, GCC के सभी सदस्य देशों में साझा संपत्तियों के लिए एक विशेष रजिस्टर बनाया जाएगा। इसका मतलब यह है कि अब हर प्रॉपर्टी का सरकारी रिकॉर्ड और भी पुख्ता होगा। दिसंबर 2025 में बहरीन में आयोजित GCC सुप्रीम काउंसिल के 46वें सत्र के दौरान इन नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया गया था, जिस पर अब मुहर लग गई है। नए नियमों के अनुसार, हर प्रॉपर्टी के लिए एक ओनर्स यूनियन या एसोसिएशन बनाना अनिवार्य होगा, जो उस पूरी इमारत या कॉम्प्लेक्स की देखभाल और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा।
घर के बाहर बदलाव पर अब होगी सख्ती
प्रवासियों के लिए यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण है कि अब आप अपने घर या यूनिट के बाहरी स्वरूप में बिना अनुमति के कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे। यदि कोई व्यक्ति अपनी यूनिट की बाहरी बनावट में फेरबदल करता है, तो उसे उस बदलाव से होने वाले किसी भी नुकसान या मरम्मत का खर्च खुद उठाना पड़ेगा। इन नियमों के पीछे मुख्य विचार आवासीय परिसरों में अनुशासन और पारदर्शिता लाना है।
हर देश को मिली है विशेष छूट
हालांकि ये नियम पूरे GCC के लिए एकसमान हैं, लेकिन हर सदस्य देश के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह अपने स्थानीय कानूनों के हिसाब से इसमें थोड़ा बदलाव कर सकता है। सरकारें इस बात का ध्यान रखेंगी कि प्रॉपर्टी के कौन से हिस्से साझा होंगे, वहां इस्तेमाल के तरीके क्या होंगे, और किरायेदारों के अधिकार व जिम्मेदारी क्या हैं। इन सभी तकनीकी और कानूनी बारीकियों को GCC देशों के हाउसिंग मंत्रियों और कानूनी विशेषज्ञों ने मिलकर तय किया है।
आप इस विषय से जुड़ी अधिकृत जानकारी Saudi Government official website पर जाकर देख सकते हैं। यह कदम विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जो खाड़ी देशों में प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं या लंबे समय से किसी बिल्डिंग में रह रहे हैं, क्योंकि अब उनके पास एक स्पष्ट कानूनी सुरक्षा का दायरा होगा।