बहरीन के मनामा में गुरुवार, 25 जून 2026 को GCC देशों और अमेरिका के बीच एक बहुत अहम बैठक हुई. इस मीटिंग में कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al Ahmad Al Sabah ने कुवैती टीम की अगुवाई की. बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio भी शामिल थे, जिन्होंने इससे पहले UAE और कुवैत का दौरा किया था.

बैठक के दौरान सभी देशों ने एक-दूसरे के साथ पुराने और मजबूत रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात कही. इस मुलाकात का मुख्य मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच हुआ वह समझौता था, जिसे मिडिल ईस्ट में जंग खत्म करने के लिए साइन किया गया है.

अमेरिका का ईरान पर रुख

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कहा कि अमेरिका ईरान के साथ डील तो चाहता है, लेकिन किसी भी कीमत पर नहीं. उन्होंने GCC देशों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा और कोई भी समझौता तभी होगा जब वह असली हो और उसका पालन किया जाए.

Rubio ने यह भी कहा कि Strait of Hormuz जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते किसी एक देश के नहीं होते. अगर कोई वहां से गुजरने के लिए पैसे मांगने की कोशिश करेगा, तो इससे दुनिया भर में अफरातफरी मच जाएगी.

बहरीन और ओमान की राय

बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने मीटिंग की शुरुआत की. उन्होंने उन कोशिशों की तारीफ की जिससे इलाके में लड़ाई रुकी और अमेरिका-ईरान समझौता हुआ. उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना होगा, उसे परमाणु हथियार बनाने से रुकना होगा और मिसाइल या ड्रोन हमलों को बंद करना होगा.

ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad Al Busaidi ने भी इस समझौते का समर्थन किया और कहा कि शांति के लिए सभी पक्षों का साथ आना जरूरी है.

इसके अलावा बैठक में आर्थिक मदद, सुरक्षा और रक्षा जैसे मुद्दों पर भी बात हुई. साथ ही सीरिया और लेबनान में स्थिरता लाने और वहां की संप्रभुता को बचाने पर भी चर्चा की गई.