बहरैन के मनामा में Gulf Cooperation Council (GCC) और अमेरिका के बीच एक बहुत ज़रूरी बैठक हुई। इस मीटिंग का मुख्य मकसद इलाके में शांति बनाए रखना और आपसी तनाव को कम करना था। GCC Secretary General Jasem Al-Budaiwi ने बताया कि इस दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
यह बैठक 25 जून 2026 को हुई, जिसकी अध्यक्षता बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने की। इसमें अमेरिका के Secretary of State Marco Rubio और GCC देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि भविष्य में जो भी समझौते होंगे, उनमें Gulf देशों की सुरक्षा और उनके हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
बातचीत के दौरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने, दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान करने और किसी के आंतरिक मामलों में दखल न देने की बात कही गई। इससे पहले 22 जून 2026 को जॉर्डन के अम्मान में भी एक बैठक हुई थी, जहाँ इसी तरह के मुद्दों पर चर्चा की गई थी।
एक बड़ी अपडेट यह रही कि अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून 2026 को ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) लागू हुआ। इस समझौते का मकसद वाशिंगटन और तेहरान के बीच के झगड़े को खत्म करना है। इसमें प्रतिबंधों में ढील, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और Strait of Hormuz की समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों को सुलझाने का रास्ता निकाला गया है।
GCC देशों ने उन सभी कोशिशों का स्वागत किया है जिनसे तनाव कम हो और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पक्की हो सके। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन होने से ही पूरे इलाके में स्थिरता आएगी।
