Strait of Hormuz: ईरान की मनमानी पर IMO का बड़ा फैसला, GCC देशों ने किया स्वागत
Strait of Hormuz में ईरान की मनमानी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई है। International Maritime Organization (IMO) की लीगल कमेटी ने ईरान द्वारा समुद्री रास्तों को बाधित करने और जहाजों पर टैक्स लगाने की कड़ी निंदा की है। GCC देशों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह समुद्री सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी था।
IMO के फैसले में ईरान की किन हरकतों की निंदा हुई?
IMO की लीगल कमेटी ने अपनी 113वीं बैठक में ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कमेटी ने कहा कि ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग को बंद किया और जहाजों पर हमले किए। इसके अलावा, ईरान ने GCC देशों और जॉर्डन के इलाकों को निशाना बनाने की धमकी दी और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की बात कही। कमेटी ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जहाजों के आने-जाने के अधिकार को रोका नहीं जा सकता और ईरान को तुरंत ये हरकतें बंद करनी होंगी।
GCC और UAE की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
GCC के महासचिव जसीम अल-बुदैवी ने इस फैसले की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब इस फैसले को लागू करवाना चाहिए ताकि जहाजों का रास्ता सुरक्षित रहे। UAE के प्रतिनिधि मोहम्मद खामिस सईद अल काबी ने भी इस फैसले का स्वागत किया। UAE ने इस प्रस्ताव को तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाई थी, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों की रक्षा की जा सके।
इस पूरे मामले की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| IMO सत्र | LEG 113 (13-17 अप्रैल 2026) |
| स्थान | लंदन |
| मुख्य मुद्दा | Strait of Hormuz में ईरान की कार्रवाई |
| GCC महासचिव | जसीम अल-बुदैवी |
| संदर्भ प्रस्ताव | UNSC Resolution 2817 (2026) |
| ईरान का दावा | अमेरिका ने इजरायल-लेबनान डील तोड़ी |
| UAE की भूमिका | प्रस्ताव ड्राफ्ट करने में नेतृत्व किया |