GCC और WIPO ने मिलकर एक नया समझौता किया है। इसका मकसद गल्फ देशों में बौद्धिक संपदा यानी Intellectual Property की जानकारी और ट्रेनिंग को बढ़ाना है। इस समझौते से आने वाले समय में यहाँ नए आइडिया और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा जिससे पूरे क्षेत्र का विकास होगा।

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यह समझौता बुधवार, 8 जुलाई 2026 को Geneva में साइन किया गया। इस मौके पर GCC के महासचिव Jassem Al-Budaiwi और WIPO के डायरेक्टर जनरल Daren Tang मौजूद थे। दोनों अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि गल्फ क्षेत्र में इस फील्ड से जुड़ी विशेषज्ञता को बढ़ाना बहुत ज़रूरी है।

ट्रेनिंग और नॉलेज पर रहेगा फोकस

इस समझौते के तहत GCC पेटेंट ऑफिस के Intellectual Property Training Center को और मज़बूत बनाया जाएगा। इसके लिए कुछ खास कदम उठाए जाएंगे जैसे:

  • स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।
  • जानकारी और अनुभव साझा करने के लिए नए तरीके अपनाए जाएंगे।
  • सभी GCC सदस्य देशों में Intellectual Property सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा।

इन कोशिशों का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा माहौल तैयार करना है जहाँ लोग अपनी क्रिएटिविटी और नए आविष्कारों को सुरक्षित रख सकें और उन्हें आगे बढ़ा सकें।

साइनिंग सेरेमनी के बाद दोनों संस्थाओं के अधिकारियों ने आपस में चर्चा भी की। उन्होंने इस बात पर बात की कि कैसे इस साझेदारी को और गहरा किया जा सकता है। साथ ही, अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम करने और गल्फ क्षेत्र के नियमों को और बेहतर बनाने की योजना पर भी विचार किया गया। इस पूरी खबर की जानकारी 9 जुलाई 2026 को KUNA और GCC सचिवालय ने दी थी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.