खलीजी देशों (GCC) में महिलाओं का कामकाज अब तेजी से बढ़ रहा है। GCC-Stat की नई रिपोर्ट के मुताबिक, अब महिलाएं देश के विकास में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। ज्यादा पढ़ाई और सरकारी मदद की वजह से महिलाएं अब घर से निकलकर ऑफिस और अलग-अलग सेक्टर में अपनी जगह बना रही हैं।

GCC देशों में महिलाओं की नौकरी में कितनी बढ़ोत्तरी हुई?

साल 2019 से 2024 के बीच GCC देशों में महिलाओं की आबादी 15.8% बढ़कर करीब 22.9 मिलियन पहुंच गई। इसी दौरान महिलाओं की नौकरी करने वालों की संख्या भी 2.8 मिलियन से बढ़कर 3.1 मिलियन हो गई। यह ग्रोथ वर्कफोर्स के बाकी हिस्सों के मुकाबले सबसे तेज रही।

रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में महिलाओं की भागीदारी 36.4% थी, जो 2024 की दूसरी तिमाही तक बढ़कर 40.2% हो गई। अगर पूरे GCC वर्कफोर्स की बात करें, तो यह 2020 में 28 मिलियन था, जो 2024 तक बढ़कर 34.9 मिलियन हो गया।

किन क्षेत्रों में मिल रही है महिलाओं को ज्यादा नौकरी?

महिलाएं अब स्वास्थ्य (Health), शिक्षा (Education) और पर्यटन (Tourism) जैसे क्षेत्रों में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा अब टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे नए सेक्टरों में भी महिलाओं की संख्या बढ़ रही है।

सऊदी अरब का Vision 2030 लक्ष्य है कि महिलाओं की वर्कफोर्स भागीदारी को 22% से बढ़ाकर 30% किया जाए। साथ ही, GCC देशों में अब ऐसे कानून बन गए हैं जिनसे महिलाओं और पुरुषों के बीच समान काम के लिए वेतन में भेदभाव को रोका जा सके।

किन देशों में महिलाओं की भागीदारी कितनी है?

वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के हिसाब से अलग-अलग देशों में महिलाओं की भागीदारी की स्थिति इस प्रकार रही:

देश भागीदारी (%)
Kuwait 25%
Bahrain 21.1%
Saudi Arabia 20.4%
UAE 16.6%
Qatar 15.3%
Oman 14.8%

सऊदी अरब में 2017 से 2023 के बीच कानूनी सुधारों और खास प्रोग्राम्स की वजह से महिलाओं की भागीदारी दोगुनी से ज्यादा बढ़ गई। वहीं, UAE में Nafis प्रोग्राम का विस्तार किया गया है ताकि छोटे और मध्यम उद्योगों में भी नौकरियां बढ़ सकें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.