GCC Statistical Centre (GCC-Stat) ने GCC Youth Day के मौके पर एक नई रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि 2024 तक खाड़ी देशों में 15 से 34 साल के युवाओं की कुल संख्या लगभग 23.5 मिलियन पहुंच गई है। यह पूरी आबादी का 38.2% हिस्सा है और इन देशों की तरक्की में युवाओं की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।

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आबादी और जेंडर का हिसाब

रिपोर्ट के मुताबिक, इन 23.5 मिलियन युवाओं में 15.1 मिलियन पुरुष (64.5%) और 8.4 मिलियन महिलाएं (35.5%) हैं। पिछले कुछ सालों में आबादी के ढांचे में थोड़ा बदलाव आया है। 2010 में युवाओं की हिस्सेदारी 38.9% थी, जो 2024 में घटकर 38.2% रह गई है। दुनिया भर में भी युवाओं के प्रतिशत में इसी तरह की गिरावट देखी गई है। साथ ही, 35 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या बढ़ी है और 15 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या घटी है।

नौकरी और शिक्षा की स्थिति

रोजगार के मोर्चे पर युवाओं ने अच्छी तरक्की की है। 2025 तक GCC देशों में नौकरी करने वाले युवाओं की संख्या 14.2 मिलियन हो गई, जो कुल वर्कफोर्स का 38.1% है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 5.1% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, GCC देशों के अपने नागरिकों में से करीब 2.5 मिलियन युवा नौकरी कर रहे हैं, जो कुल कार्यरत नागरिकों का 43.5% है।

एक अच्छी खबर यह भी है कि उन युवाओं की संख्या कम हुई है जो न तो पढ़ाई कर रहे थे और न ही नौकरी (NEET)। 2010 में यह आंकड़ा 20.1% था, जो 2024 में गिरकर 15.7% पर आ गया। इससे पता चलता है कि युवाओं को शिक्षा और काम से जोड़ने वाली सरकारी योजनाएं काम कर रही हैं।

मुख्य आंकड़े एक नज़र में

विवरण आंकड़ा / प्रतिशत
कुल युवा आबादी (2024) 23.5 मिलियन (38.2%)
पुरुष युवा 15.1 मिलियन (64.5%)
महिला युवा 8.4 मिलियन (35.5%)
कुल कार्यरत युवा (2025) 14.2 मिलियन (38.1% वर्कफोर्स)
कार्यरत GCC राष्ट्रीय युवा (2025) 2.5 मिलियन
NEET दर (2010 से 2024) 20.1% से घटकर 15.7%
अनुमानित युवा आबादी (2050) 28.6 मिलियन

भविष्य का अनुमान

United Nations के अनुमान के मुताबिक, 2050 तक GCC देशों में युवाओं की संख्या बढ़कर 28.6 मिलियन हो सकती है। इसका मतलब है कि 2024 के मुकाबले करीब 5.9 मिलियन युवाओं की बढ़ोतरी होगी, जो कुल 26% की वृद्धि है। यह आंकड़े बताते हैं कि आने वाले समय में खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन में युवाओं का हाथ और भी ज़्यादा होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.