खाड़ी देशों में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। UN के नए अनुमान बताते हैं कि 2050 तक GCC देशों में युवाओं की आबादी 28.6 मिलियन तक पहुंच जाएगी। यह बदलाव आने वाले समय में इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और समाज पर बड़ा असर डालेगा।
युवाओं की संख्या में बड़ी बढ़त
GCC देशों के सांख्यिकीय केंद्र (Statistical Center) के मुताबिक, साल 2024 में 15 से 34 साल की उम्र के युवाओं की संख्या लगभग 23.5 मिलियन थी। यह कुल आबादी का 38.2% हिस्सा है। आने वाले सालों में यह संख्या और बढ़ेगी और 2050 तक 28.6 मिलियन तक पहुंच जाएगी। इसका मतलब है कि 2024 के मुकाबले करीब 5.9 मिलियन युवा और जुड़ेंगे।
साल 2024 के आंकड़ों के हिसाब से युवाओं में पुरुषों की संख्या 15.1 मिलियन और महिलाओं की संख्या 8.4 मिलियन रही।
नौकरी और शिक्षा के नए आंकड़े
लेबर मार्केट में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ी है। साल 2025 में युवा कामगारों की संख्या करीब 14.2 मिलियन रही, जो कुल वर्कफोर्स का 38.1% है। यह 2024 के मुकाबले 5.1% ज्यादा है।
एक राहत वाली बात यह है कि उन युवाओं की संख्या कम हुई है जो न तो पढ़ाई कर रहे हैं और न ही नौकरी में हैं। साल 2010 में यह दर 20.1% थी, जो 2024 में घटकर 15.7% रह गई है।
सरकारी प्रयास और विज़न
GCC महासचिव ने फरवरी 2025 में कुवैत में हुई मीटिंग के दौरान कहा कि युवा देशों के भविष्य को बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कड़ी में कुवैत सरकार ने कुवैत विज़न 2035 के तहत युवाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘पीस एम्बेसडर्स प्रोग्राम’ शुरू किया है। वहीं बहरीन के युवा मामलों के मंत्रालय ने भी युवाओं के विकास के लिए नई रणनीतियां लागू की हैं।
| विवरण | आंकड़े (2024/2025) | अनुमान (2050) |
|---|---|---|
| कुल युवा आबादी (15-34 साल) | 23.5 मिलियन | 28.6 मिलियन |
| युवा कार्यबल (Workforce) | 14.2 मिलियन | – |
| NEET दर (बिना काम/पढ़ाई वाले) | 15.7% | – |
| युवा पुरुषों की संख्या | 15.1 मिलियन | – |
| युवा महिलाओं की संख्या | 8.4 मिलियन | – |