अब Generic दवाई नहीं लिखे डॉक्टर तो होगी कार्यवाई, केंद्र सरकार का नया आदेश जारी

Lov Singh16 May 20232 min read4 viewsIndia

देश में जेनरिक दवाओं के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार अब सख्त हो गई है. सरकार ने सोमवार को एक आदेश जारी कर अपने सभी डॉक्टरों को जेनरिक दवा लिखने की हिदायत दी है. सरकार ने कहा कि अगर डॉक्टर अपनी पर्ची में जेनरिक दवा नहीं लिखते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

स्वास्थ्य सेवा के डायरेक्टर जनरल ने आदेश जारी करते हुए बात की वार्निंग दी है कि जो कोई भी डॉक्टर जेनरिक दवाओं को अपने पर्ची में शामिल नहीं करेगा उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सकता है. आदेश में कहा गया है कि कुछ डॉक्टरों की ओर से ब्रांडेड दवाएं लिखी जा रही है जो कि ठीक नहीं है.

मीडिया को मिली जानकारी के मुताबिक इसके अतिरिक्त मेडिकल रिप्रजेंटेटिव का डॉक्टरों से मिलने के लिए भी नए दिशा निर्देश जारी किया गया है. डॉ अतुल गोयल ने अपने नोटिस में डॉक्टरों को इस बात की हिदायद दी है कि किसी भी सूरत में अपनी पर्ची पर केवल जेनरिक दवाओं को ही लिखें.

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश

पर्ची पर केवल जेनरिक दवा लिखने के निर्देश

उन्होंने यह फरमान जारी किया है कि बहुत सारे मामलों में कमेटी ने यह पाया है कि कई ऐसे डॉक्टर हैं जो अपनी पर्ची पर जेनरिक दवाओं का नाम नहीं लिख रहे हैं. ऐसे में जरूरी यह है कि इस बात को पूरी तरह से अमली जामा पहनाया जाए औऱ पर्ची पर केवल और केवल जेनरिक दवाएँ ही लिखी जाए.

ग़ौरतलब है कि पहले भी ऐसे आदेश जारी किए गए थे उसके बाद भी कुछ डॉक्टरों की ओर से पर्ची पर ब्रांडेड दवाएं लिखी जा रही है. ब्रांडेड दवाएं लिखने के पीछे एक जेनरिक दवाइयों की उपलब्धता को भी जिम्मेदार ठहराया जाता है. अधिकतर सरकारी अस्पतालों में जेनरिक दवाओं की कमी के मामले भी सामने आ चुके हैं.

आमतौर पर जेनरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी सस्ती होती हैं. सत्ती होने की वजह से मरीजों पर आर्थिक बोझ नहीं बढ़ता है. ब्रांडेड और जेनरिक दवाओं की कीमत में जमीन-आसमान का फर्क होता है.

Share:

Comments

Leave a comment