Georgia ने यूरोपीय संघ के ईरान पर लगाए प्रतिबंधों को मानने से किया साफ इनकार, बताई यह बड़ी वजह.

जॉर्जिया ने यूरोपीय संघ यानी EU के नए प्रतिबंध पैकेज को ईरान के खिलाफ लागू करने से पूरी तरह मना कर दिया है। जॉर्जिया की सरकार ने साफ किया है कि उसके देश के विदेश नीति के फैसले केवल और केवल राष्ट्रीय हितों के आधार पर लिए जाते हैं। यह घटनाक्रम 21 अगस्त और 22 अगस्त 2026 के दौरान सामने आया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। जॉर्जिया का यूरोपीय संघ की विदेश और सुरक्षा नीति के साथ तालमेल लगातार कम हो रहा है, जो अक्टूबर 2025 तक घटकर 40 प्रतिशत रह गया था, जबकि साल 2024 में यह 53 प्रतिशत था।
संसद के सदस्य ने क्या कहा
सत्तारूढ़ जॉर्जियाई ड्रीम पार्टी के संसद प्रतिनिधि तेन्गिज़ शर्मनाशविली ने इस कदम का बचाव करते हुए बयान दिया कि तिब्लিসি घरेलू जरूरतों के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय नियमों को परखता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी दूसरे पक्ष के हित जॉर्जिया के हितों के खिलाफ जाते हैं, तो वे पूरी तरह से बेमानी हो जाते हैं। शर्मनाशविली ने आगे बताया कि जॉर्जिया इस फैसले में अकेला नहीं है, बल्कि तुर्की और सर्बिया जैसे अन्य यूरोपीय संघ के उम्मीदवार देशों ने भी इन खास प्रतिबंधों को लागू करने से अपने आपको दूर रखा है। इसके विपरीत, अल्बानिया, बोस्निया और हर्जेगोविना, मोल्दोवा, मोंटेनेग्रो, उत्तर मैसिडोनिया, यूक्रेन और यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र के सदस्य आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे ने यूरोपीय संघ के इन प्रतिबंधों का समर्थन करने का फैसला किया है।
यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के मुख्य बिंदु
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कल्लास ने इस बात की पुष्टि की कि ईरान के खिलाफ अपडेट किए गए उपायों में कुल तीन मुख्य हिस्से शामिल हैं। इनमें प्रतिबंध व्यवस्था में संशोधन यानी प्रतिबंधित व्यक्तियों और संगठनों की सूचियों को अपडेट करना शामिल है। इसके अलावा सशस्त्र समूहों को ईरान द्वारा दी जाने वाली सैन्य सहायता से जुड़े प्रतिबंध और मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी सूची में नए नाम जोड़ना भी शामिल है। हालांकि 18 अगस्त 2026 तक जॉर्जियाई विदेश मंत्रालय की ओर से इस खास इनकार को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया था, लेकिन मंत्रालय ने 24 जुलाई 2026 को यह दावा किया था कि वह अपने देश की सीमा के अंदर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों को繞ने यानी चोरी-छिपे बचाने से रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह स्थिति कुलेवी ऑयल टर्मिनल से जुड़े विवादों के बाद सामने आई थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है जांच
यह पूरा फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रतिबंधों के उल्लंघन की संभावनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच पड़ताल काफी बढ़ गई है। एक थिंक टैंक सिविक आइडिया द्वारा 18 अगस्त 2026 के आसपास जारी की गई एक रिपोर्ट में यह आरोप लगाया गया था कि ईरान के संगठन, जिसमें ईरानी रक्षा मंत्रालय भी शामिल है, जॉर्जिया का इस्तेमाल प्रतिबंधित सामानों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए ट्रांजिट पॉइंट के रूप में कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं, जिनमें यूनाइटेड नेशनल मूवमेंट के अध्यक्ष इराकली पावलिनिशविली शामिल हैं, उन्होंने जॉर्जियाई ड्रीम पार्टी के इस कूटनीतिक रुख की कड़ी आलोचना की है। इस इनकार को ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA द्वारा भी आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया है।