जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने अमेरिका और ईरान की जंग को लेकर एक बहुत बड़ी बात कही है। उनका कहना है कि इस लड़ाई में अमेरिका की काफी बेइज्जती हो रही है और उसके पास इस विवाद से बाहर निकलने का कोई साफ रास्ता नहीं है। वहीं दूसरी तरफ ईरान इस जंग में अपनी पकड़ मजबूत करता दिख रहा है।
जर्मन चांसलर Merz ने अमेरिका और ईरान के बारे में क्या कहा?
चांसलर Merz ने साफ शब्दों में कहा कि वॉशिंगटन इस जंग में अपनी साख खो रहा है। उन्होंने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने एक पूरे देश को नीचा दिखाया है। Merz के मुताबिक ईरानी लोग बातचीत करने में बहुत माहिर हैं, लेकिन वे असल में कोई समझौता नहीं करना चाहते। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी अधिकारी बातचीत के लिए पाकिस्तान तक गए, लेकिन वहां से उन्हें कोई नतीजा नहीं मिला। उनके अनुसार ईरान उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत है।
ईरान की नई शर्त और Strait of Hormuz का क्या हाल है?
ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है। वह चाहता है कि Strait of Hormuz पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं और अमेरिका अपना समुद्री नाकाबंदी खत्म करे। हालांकि, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर तुरंत बात करने से मना कर दिया है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि जब तक परमाणु मुद्दा हल नहीं होता, तब तक कोई बड़ा समझौता नहीं होगा। इसी तनाव की वजह से इस समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही बहुत कम हो गई है।
इसराइल और लेबनान में क्या चल रहा है?
इस पूरी लड़ाई की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। हालांकि 8 अप्रैल को युद्धविराम (ceasefire) हुआ था, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है। 27 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने लेबनान की बेका घाटी और दक्षिणी इलाकों में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi भी इस मुद्दे पर सलाह-मशविरा करने के लिए रूस, पाकिस्तान और ओमान का दौरा कर चुके हैं।