जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से लेबनान के दक्षिणी हिस्से में जंग रोकने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इसराइल को लेबनान सरकार के साथ सीधे शांति talks करने चाहिए ताकि खून-खराबा कम हो सके. यह बात जर्मन सरकार के प्रवक्ता Stefan Kornelius ने कन्फर्म की है.

लेबनान में क्या हालात हैं और अब आगे क्या होगा?

लेबनान में हालात काफी खराब हैं. 2 मार्च से अब तक वहां 2,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और करीब 12 लाख लोग अपने घर छोड़कर भाग गए हैं. इस बीच, 14 अप्रैल को वाशिंगटन में इसराइल और लेबनान के डिप्लोमैट्स की एक मीटिंग होनी है. लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun को उम्मीद है कि इससे युद्धविराम हो सकेगा, लेकिन हिजबुल्लाह नेता Naim Qassem ने इस मीटिंग का विरोध किया है और लेबनान को इसे रद्द करने को कहा है.

जर्मनी ने और किन मुद्दों पर अपनी राय रखी?

चांसलर Merz ने केवल लेबनान ही नहीं, बल्कि वेस्ट बैंक के मामले पर भी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि वेस्ट बैंक पर किसी भी तरह का कब्जा नहीं होना चाहिए. इसके अलावा, जर्मनी ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मदद करने की बात कही है, हालांकि उन्होंने पाकिस्तान में हुई पिछली बातचीत को अधूरी और खराब तरीके से तैयार बताया.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और जर्मनी का स्टैंड

तनाव इतना बढ़ गया है कि अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी शुरू कर दी है. जर्मनी ने कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है, लेकिन इसके लिए युद्ध का रुकना और कुछ शर्तों का पूरा होना जरूरी है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com