जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने रूस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रूस, ईरान को उन ठिकानों की पहचान करने में मदद कर रहा है जिन्हें निशाना बनाया जा सके। यह दावा फ्रांस में चल रही G7 देशों की बैठक के दौरान किया गया है। जर्मनी का मानना है कि रूस ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि दुनिया का ध्यान यूक्रेन पर जारी हमले से हटकर मिडिल ईस्ट की तरफ चला जाए।

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रूस आखिर क्यों कर रहा है ईरान की मदद?

जर्मनी के विदेश मंत्री के अनुसार, राष्ट्रपति Vladimir Putin मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं। Wadephul ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रूस जानबूझकर ईरान को ऐसी खुफिया जानकारी दे रहा है जिससे हमले सटीक किए जा सकें। यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का तनाव काफी बढ़ा हुआ है। जर्मनी ने यह भी साफ किया है कि इस मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से भी विस्तार में चर्चा हुई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हो रही है चर्चा?

इस पूरे मामले को लेकर यूरोप के कई अन्य देशों ने भी अपनी चिंता जाहिर की है। इस मीटिंग और हालिया घटनाक्रमों के दौरान कई अहम बातें सामने आई हैं:

  • EU का बयान: यूरोपीय संघ की Kaja Kallas ने कहा कि रूस मिडिल ईस्ट में खुफिया जानकारी और ड्रोन के जरिए ईरान का साथ दे रहा है।
  • ब्रिटेन की चिंता: ब्रिटिश विदेश मंत्री Yvette Cooper ने ईरान और रूस के बीच बढ़ते सैन्य रिश्तों को दुनिया के लिए खतरा बताया है।
  • सीधी बातचीत: जर्मनी ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुत जल्द पाकिस्तान में सीधी बातचीत शुरू हो सकती है।
  • Strait of Hormuz: युद्ध खत्म होने के बाद जर्मनी ने Strait of Hormuz की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाने की इच्छा जताई है।

फिलहाल रूस या ईरान की तरफ से इन ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है, लेकिन G7 की बैठक में इस मुद्दे ने काफी हलचल मचा दी है।