जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz का बड़ा बयान, बोले ईरान का परमाणु कार्यक्रम तुरंत बंद होना चाहिए, परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए
जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ़ कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए और उसके परमाणु कार्यक्रम को तुरंत रोका जाना चाहिए। यह बयान दुनिया भर में चल रही तनावपूर्ण स्थिति के बीच आया है।
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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जर्मनी का क्या स्टैंड है?
चांसलर Friedrich Merz ने बार-बार यह बात कही है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम बंद होना चाहिए। जर्मनी सरकार का मानना है कि ईरान की परमाणु और मिसाइल गतिविधियां शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। जर्मनी इस मामले में अमेरिका के साथ खड़ा है और चाहता है कि ईरान अपने खतरनाक हथियारों की होड़ को खत्म करे। हालांकि, जर्मनी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के जरिए मामला सुलझाने के पक्ष में भी है।
क्षेत्रीय विवाद और दुनिया पर इसका क्या असर है?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब कई देशों पर दिख रहा है। 13 अप्रैल 2026 से Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना ने नाकेबंदी शुरू की है, जिससे कई व्यापारिक जहाजों को वापस लौटना पड़ा है। इस युद्ध की वजह से अफ्रीका के देशों में तेल, ईंधन और खाद की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है, जिसके लिए Merz ने मदद का वादा किया है। साथ ही, इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत भी नाकाम रही है।
प्रमुख घटनाक्रम और तारीखें
| तारीख | घटना या बयान |
|---|---|
| 1 मार्च 2026 | जर्मनी ने परमाणु हथियारों के खिलाफ अमेरिका का साथ दिया |
| 10 मार्च 2026 | ईरान के कार्यक्रम को सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया |
| 13 अप्रैल 2026 | Strait of Hormuz की नाकेबंदी शुरू हुई |
| 15 अप्रैल 2026 | Merz ने अफ्रीका की मदद और लेबनान-इजरायल शांति की बात की |
| 16 अप्रैल 2026 | परमाणु कार्यक्रम रोकने की मांग दोहराई और डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की |