जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान की लीडरशिप और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अमेरिका को नीचा दिखा रहे हैं. इस बयान के बाद से पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय राजनीति को लेकर हलचल तेज हो गई है.

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जर्मनी के चांसलर ने अमेरिका के बारे में क्या कहा?

जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने 27 अप्रैल 2026 को बयान दिया कि ईरान के नेतृत्व, खासकर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की वजह से अमेरिका की काफी बेइज्जती हो रही है. इससे पहले 25 अप्रैल को उन्होंने अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के साथ लड़ी जा रही जंग को पूरी तरह से अनावश्यक बताया था. उन्होंने यह भी कहा था कि इस युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर बुरा असर पड़ रहा है और यूरोप, एशिया और अमेरिका में अस्थिरता बढ़ रही है. चांसलर Merz का मानना है कि सैन्य अभियानों के जरिए किसी देश की सरकार बदलना अक्सर नाकाम रहता है.

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत क्यों रुकी?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने हाल ही में हुई बातचीत की विफलता का कारण अमेरिका की अत्यधिक मांगें बताया है. उनके अनुसार, बातचीत में प्रगति होने के बावजूद अमेरिका की शर्तों की वजह से यह मामला आगे नहीं बढ़ सका. इसके अलावा Araghchi ने Strait of Hormuz के जरिए सुरक्षित रास्ता मिलने की बात पर जोर दिया, जो दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

परमाणु खतरों पर जर्मनी का क्या कहना है?

जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने परमाणु खतरों के बीच बचाव और रोकने की रणनीतियों की जरूरत पर बात की है. उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना जरूरी है और जर्मनी इस दिशा में पूरी तरह समर्थन करता है. इससे पहले मार्च के महीने में चांसलर Merz ने ईरान की मullah regime को आतंक का शासन बताया था, जो इसराइल को खतरा पैदा कर रहा है और हमास व हिजबुल्लाह जैसे समूहों की मदद कर रहा है.