ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। जर्मनी के वित्त मंत्री ने चेतावनी दी है कि देश को लंबे समय तक ऊर्जा संकट और महंगाई का सामना करना पड़ेगा। इस वजह से वहां की सरकार को आम लोगों की मदद के लिए पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स कम करने का फैसला लेना पड़ा है।

ℹ: Israel-Lebanon Meeting: वॉशिंगटन में मिले इसराइल और लेबनान के राजदूत, हिजबुल्लाह को खत्म करने पर बनी सहमति

जर्मनी सरकार ने आम जनता के लिए क्या कदम उठाए?

जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने ऐलान किया कि पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स में लगभग 17 सेंट की कटौती की जाएगी। यह राहत दो महीने के लिए होगी ताकि आम लोग महंगाई का बोझ सह सकें। इस कटौती का खर्चा पूरा करने के लिए सरकार तंबाकू पर टैक्स बढ़ाएगी। साथ ही वहां की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 1.3 प्रतिशत से घटाकर 0.6 प्रतिशत कर दिया गया है।

दुनिया भर में तेल संकट क्यों बढ़ रहा है?

IEA के डायरेक्टर Fatih Birol के मुताबिक Strait of Hormuz के बंद होने से करीब 13 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई रुक गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस रास्ते की नाकाबंदी कर दी है जिससे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। यूरोपीय संघ (EU) भी अब खेती और ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों के लिए ईंधन खर्च पर सब्सिडी देने की योजना बना रहा है।

प्रमुख अपडेट्स की जानकारी

संस्था/व्यक्ति बयान/कार्रवाई
Lars Klingbeil (वित्त मंत्री) ऊर्जा संकट लंबे समय तक चलने की चेतावनी दी
Friedrich Merz (चांसलर) पेट्रोल-डीज़ल टैक्स में कटौती का ऐलान किया
Fatih Birol (IEA) 13 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित बताई
Donald Trump (US राष्ट्रपति) Strait of Hormuz की नाकाबंदी की
EU (यूरोपीय संघ) ईंधन खर्च पर सब्सिडी का प्रस्ताव दिया
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.