मिडिल ईस्ट में बिगड़ते सुरक्षा हालातों के बीच जर्मनी ने इराक से अपने सैन्य कर्मियों को सुरक्षित वापस बुला लिया है। नाटो (NATO) ने क्षेत्र में बढ़ते जोखिमों को देखते हुए अपनी तैनाती के तरीके में बदलाव करने का निर्णय लिया है। जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने इस सफल वापसी की पुष्टि करते हुए कहा कि सैनिकों को सुरक्षित घर लाना एक बड़ी चुनौती थी जिसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

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इराक से सैनिकों को क्यों हटाया गया?

जर्मनी और नाटो ने इराक से अपने कर्मियों को निकालने का फैसला वहां की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखकर लिया है। यह प्रक्रिया लगभग 20 से 21 मार्च 2026 के आसपास पूरी की गई। इसके पीछे के कुछ मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:

  • नाटो मिशन इराक (NMI) के तहत तैनात जर्मन सैनिकों की सुरक्षा को खतरा बढ़ गया था।
  • बगदाद और अन्य इलाकों में सुरक्षा जोखिम को देखते हुए सैन्य परिवहन विमानों (A400M) का इस्तेमाल किया गया।
  • सिर्फ जर्मनी ही नहीं, बल्कि पोलैंड ने भी अपने सैनिकों को इराक से बाहर निकालने की घोषणा कर दी है।
  • क्षेत्र में इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

क्षेत्र के अन्य देशों पर इसका क्या असर हुआ?

जर्मनी का यह कदम केवल इराक तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने मिडिल ईस्ट के अन्य हिस्सों से भी अपने कर्मियों को कम किया है। इससे क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों और अन्य देशों की सुरक्षा नीतियों पर भी असर पड़ सकता है।

देश/स्थान कार्रवाई की जानकारी
इराक सैनिकों और सैन्य साजो-सामान की पूरी तरह वापसी
लेबनान, बहरीन, कुवैत अतिरिक्त जर्मन सैनिकों को हटाया गया
बगदाद और एरबिल राजनयिक स्टाफ (Diplomatic Staff) को सुरक्षित निकाला गया

जर्मन रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सैनिकों की वापसी का मुख्य उद्देश्य उन्हें किसी भी बड़े क्षेत्रीय युद्ध की चपेट में आने से बचाना था। नाटो अब स्थिति की समीक्षा कर रहा है और आने वाले दिनों में अपनी अगली रणनीति तय करेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.