जर्मनी ने ईरान को साफ शब्दों में कहा है कि उसे अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए। यह मामला तब सामने आया जब दुनिया की नजरें Strait of Hormuz और ईरान के परमाणु हथियारों पर टिकी हुई हैं। जर्मनी चाहता है कि तनाव कम हो और बातचीत के जरिए मसलों को सुलझाया जाए ताकि दुनिया में शांति बनी रहे।

जर्मनी ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखीं

जर्मनी के Foreign Minister Johann Wadephul ने ईरान के Foreign Minister Abbas Araghchi से फोन पर बात की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने ईरान से कुछ बड़ी मांगें कीं।

  • जर्मनी ने मांग की कि Strait of Hormuz को फिर से खोला जाए ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके।
  • ईरान को परमाणु हथियार बनाने की कोशिश पूरी तरह छोड़नी होगी और इसकी जांच भी होनी चाहिए।
  • जर्मनी ने कहा कि वह अमेरिका के इस लक्ष्य का समर्थन करता है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए।
  • जर्मन Chancellor Friedrich Merz ने भी साफ किया कि अमेरिका उनका सबसे महत्वपूर्ण NATO पार्टनर है और दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम खतरनाक है।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशें और विवाद

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 14 पॉइंट्स वाला एक शांति प्लान भेजा था। इस प्लान में युद्ध रोकने के साथ-साथ पाबंदियों को हटाने और सैनिकों को वापस बुलाने की बात कही गई थी। हालांकि, इस पर दोनों देशों की राय अलग है।

  • US President Donald Trump ने ईरान के इस 14-पॉइंट प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और इसे नामंजूर बताया।
  • ट्रम्प का कहना था कि ईरान ने अभी तक अपनी गलतियों की बड़ी कीमत नहीं चुकाई है।
  • दूसरी तरफ, ट्रम्प ने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधियों की ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही है।
  • US Treasury Secretary Scott Bessent ने बताया कि अमेरिका आर्थिक नाकेबंदी के जरिए ईरान की लीडरशिप पर दबाव बना रहा है।

समुद्री रास्ते पर तनाव और सेना की हलचल

Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच माहौल काफी गर्म है। अमेरिका ने 4 मई 2026 से वहां फंसे हुए जहाजों को रास्ता दिखाने और उनकी मदद करने का फैसला किया है।

  • ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना Strait of Hormuz में दाखिल हुई तो उन पर हमला किया जाएगा।
  • जर्मनी और अमेरिका के रिश्तों में भी कुछ खटास आई है, जिसकी वजह से राष्ट्रपति ट्रम्प ने जर्मनी से 5,000 अमेरिकी सैनिकों को हटाने का ऐलान किया है।
  • ईरान के Revolutionary Guards ने कहा है कि अमेरिका के पास अब या तो एक बुरा समझौता करने का विकल्प है या फिर एक नामुमकिन मिलिट्री ऑपरेशन का।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जर्मनी ने ईरान से क्या मांग की है

जर्मनी ने ईरान से Strait of Hormuz को फिर से खोलने और परमाणु हथियारों को पूरी तरह छोड़ने की मांग की है ताकि अमेरिका के साथ बातचीत शुरू हो सके।

ईरान के शांति प्लान पर अमेरिका का क्या कहना है

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए 14-पॉइंट शांति प्लान भेजा था, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसे नामंजूर बताया।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com