अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने के बाद अब जर्मनी ने समुद्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है। जर्मन रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वह Strait of Hormuz में सुरक्षा मिशन के लिए एक माइनस्वीपर जहाज भेजने की तैयारी कर रहा है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के साथ मिलकर समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है।

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जर्मनी के इस मिशन की मुख्य बातें क्या हैं?

जर्मन रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता ने 25 अप्रैल 2026 को इस बारे में जानकारी दी। इस मिशन के लिए जर्मनी अपनी Fulda नाम की माइनस्वीपर शिप को तैनात करेगा, जिसमें लगभग 45 लोगों का क्रू होगा। रक्षा मंत्री Boris Pistorius ने साफ किया कि समय बचाने के लिए जहाज और एक कमांड-सपोर्ट वेसल को पहले भूमध्य सागर (Mediterranean) भेजा जा रहा है, ताकि संसद से मंजूरी मिलते ही उन्हें तुरंत तैनात किया जा सके।

जहाज की तैनाती के लिए कौन से नियम जरूरी हैं?

  • युद्ध का अंत: अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी पूरी तरह खत्म होनी चाहिए।
  • संसद की मंजूरी: जर्मनी की संसद (Bundestag) के निचले सदन से इस मिशन के लिए अनुमति लेना जरूरी होगा।
  • कानूनी आधार: चांसलर Friedrich Merz के मुताबिक, इस ऑपरेशन के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के प्रस्ताव जैसा कानूनी आधार होना चाहिए।

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?

इस पूरे विवाद की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों से हुई थी, जिसके बाद 8 अप्रैल को युद्धविराम (ceasefire) लागू हुआ। हाल ही में 24 अप्रैल को एक अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने ईरानी जहाज की नाकाबंदी की। इस पर ईरान के Khatam al-Anbiya सेंट्रल हेडक्वार्टर ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका इस तरह की नाकाबंदी और समुद्री डकैती जारी रखता है, तो ईरान अपनी ताकतवर सेना से इसका जवाब देगा।

दूसरी तरफ, अमेरिका का दावा है कि वह ईरान के साथ मिलकर Strait of Hormuz से बारूदी सुरंगें (mines) हटा रहा है, लेकिन ईरान ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत की योजना थी, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी वार्ताकारों की यात्रा रद्द कर दी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.