Strait of Hormuz में तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है. ईरान ने तीन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की है. अब इस बीच जर्मनी ने अमेरिका और ईरान को फिर से बातचीत शुरू करने की सलाह दी है ताकि हालात को संभाला जा सके.

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जर्मनी ने मदद का हाथ बढ़ाया

जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने 8 जुलाई 2026 को अंकारा में हुए NATO समिट के दौरान यह बात कही. उन्होंने बताया कि जर्मनी समुद्र के इस महत्वपूर्ण रास्ते से बारूद (mines) हटाने में मदद कर सकता है. हालांकि, यह मदद तभी मिलेगी जब ईरान और Oman जैसे तटीय देशों की सहमति होगी और इसके लिए कानूनी मंजूरी मिलेगी. Wadephul ने साफ तौर पर ईरान को इस तनाव का जिम्मेदार बताया और कहा कि बारूद हटाने का खर्चा भी ईरान को ही देना चाहिए.

अमेरिका और NATO का सख्त रुख

इस विवाद के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने जून के महीने में हुए सीजफायर समझौते को अब खत्म घोषित कर दिया है. Trump ने ईरान पर और हमले करने की धमकी दी और वहां के नेताओं के लिए बहुत सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया. वहीं NATO के चीफ Mark Rutte ने अमेरिकी हमलों का समर्थन किया और इन्हें जरूरी बताया. यूरोपीय संघ की डिप्लोमैट Kaja Kallas ने भी ईरान की हरकतों को अस्वीकार्य कहा है.

ईरान ने दी चेतावनी

ईरान ने जर्मनी की बातों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे वास्तविकता का गलत चित्रण बताया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि ऐसी कोई भी जगह जहाँ से अमेरिका हमले कर रहा है, वह उनके लिए एक कानूनी निशाना होगी. बता दें कि ईरान पहले भी इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस मांगने की मांग कर चुका है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.