दुनिया के बड़े देशों के बीच आपसी तालमेल अब पूरी तरह बिगड़ता दिख रहा है। NATO से लेकर OPEC तक, सभी बड़े गठबंधन तनाव में हैं। गाजा, लेबनान और ईरान में चल रहे युद्ध की वजह से अब लोग पूछ रहे हैं कि क्या दुनिया को चलाने वाले अंतरराष्ट्रीय नियम अब किसी काम के नहीं रहे।
OPEC में क्या बदलाव हुए और तेल के दाम पर क्या असर होगा?
तेल उत्पादक देशों के समूह OPEC में बड़ी हलचल हुई है। UAE ने अप्रैल 2026 में इस समूह को छोड़ने का फैसला किया, जो मई से लागू हो गया। दूसरी तरफ, सऊदी अरब और रूस समेत सात देशों ने 3 मई 2026 को एक वर्चुअल मीटिंग की और जून से हर दिन 1,88,000 बैरल तेल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई। जानकारों का कहना है कि UAE के बाहर निकलने से तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है और तेल की सप्लाई का पूरा ढांचा बिखर सकता है।
NATO की नई तैयारी और दुनिया के नियमों का क्या हाल है?
NATO देश अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं और 32 सदस्य देशों ने अपना रक्षा बजट जीडीपी के 5% तक करने का फैसला किया। 21-22 मई 2026 को स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग में विदेश मंत्रियों की बैठक होगी और 7-8 जुलाई को तुर्की के अंकारा में बड़ा शिखर सम्मेलन बुलाया गया है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने बयान दिया कि नियमों पर आधारित दुनिया का ऑर्डर अब खत्म हो चुका है, वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
ईरान, गाजा और लेबनान के युद्ध से दुनिया में क्या डर है?
ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस IV’ के तहत इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन्स के 48 से ज्यादा हमले किए। गाजा में चल रहे युद्ध ने ग्लोबल साउथ के देशों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अंतरराष्ट्रीय कानून अब सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं। लेबनान में हिजबुल्लाह जैसे समूहों के जरिए ईरान का प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा खतरे में है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE ने OPEC छोड़ दिया है, इसका क्या असर होगा?
UAE का OPEC से बाहर निकलना 65 साल पुराने गठबंधन को कमजोर कर सकता है। इससे तेल की सप्लाई में बदलाव आएगा और बाजार में तेल की कीमतें अधिक अस्थिर हो सकती हैं।
NATO की अगली बड़ी बैठकें कहाँ और कब होंगी?
NATO विदेश मंत्रियों की बैठक 21-22 मई 2026 को स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग में होगी और 7-8 जुलाई 2026 को तुर्की के अंकारा में शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।