दुनिया भर की अर्थव्यवस्था की रफ्तार इस साल स्थिर रहने की उम्मीद है. रेटिंग एजेंसी Fitch Ratings ने अपनी मार्च 2026 की ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में आया हालिया उछाल लंबे समय तक नहीं रहता है, तो दुनिया की तरक्की की रफ्तार 2.6 प्रतिशत बनी रहेगी. भारत के लिए इस रिपोर्ट में काफी अच्छी खबर है, क्योंकि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया गया है.

ℹ: UAE Health Update: अब रिहायशी इलाकों में खुलेंगे वर्चुअल और फील्ड क्लिनिक, आम लोगों को मिलेगी फ्री फर्स्ट एड ट्रेनिंग

कच्चे तेल की कीमतों का क्या असर होगा?

Fitch के चीफ इकोनॉमिस्ट Brian Coulton के मुताबिक मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. फरवरी के अंत में यह 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था. एजेंसी ने 2026 के लिए कच्चे तेल की औसत कीमत का अनुमान 63 डॉलर से बढ़ाकर 70 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है. यह अनुमान इस आधार पर लगाया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) लगभग एक महीने तक बंद रहेगा और साल के दूसरे हिस्से में तेल के दाम फिर से 60 डॉलर के आसपास आ जाएंगे.

रिपोर्ट में एक खतरे के बारे में भी आगाह किया गया है. अगर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती है और वहीं बनी रहती है, तो दुनिया की जीडीपी में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. इसके अलावा अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े देशों में महंगाई 1.2 से 1.5 प्रतिशत तक और बढ़ जाएगी.

दुनिया के प्रमुख देशों की ग्रोथ का क्या है अनुमान?

Fitch Ratings ने अलग-अलग देशों की अर्थव्यवस्था का भी नया अनुमान जारी किया है. अमेरिका में एआई (AI) में बढ़ते निवेश की वजह से ग्रोथ 2.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. वहीं चीन में लोगों के कम खर्च करने और एक्सपोर्ट घटने के कारण ग्रोथ गिरकर 4.3 प्रतिशत रह सकती है. भारत की अर्थव्यवस्था इस समय दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है.

देश या क्षेत्र 2026 का ग्रोथ अनुमान
दुनिया (Global) 2.6%
भारत (India) 7.5%
चीन (China) 4.3%
अमेरिका (US) 2.2%
यूरोप (Eurozone) 1.3%

इसके अलावा यह भी बताया गया है कि अमेरिका का सेंट्रल बैंक (US Federal Reserve) तेल की कीमतों पर नजर रखेगा और इस साल दो बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. इससे आम लोगों को कर्ज चुकाने में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.