ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष अब ग्लोबल इकोनॉमी के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। इस जंग की वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर भारी असर पड़ा है, जिससे महंगाई और आर्थिक सुस्ती का खतरा पैदा हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध इसी तरह जारी रहा, तो इसका असर आम लोगों की जेब पर महंगाई के रूप में साफ दिखाई देगा।

तेल की सप्लाई में बड़ी रुकावट

International Energy Agency (IEA) ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz का बंद होना वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी रुकावट है। इस वजह से न केवल तेल के दाम बढ़ रहे हैं, बल्कि सामान की आवाजाही में भी काफी मुश्किल आ रही है। Andreas Hauskrecht, जो Indiana University में बिजनेस इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर हैं, उनका कहना है कि इस युद्ध से बेरोजगारी बढ़ सकती है और महंगाई का दबाव भी आम आदमी की कमर तोड़ सकता है।

भारत और खाड़ी देशों पर असर

इस तनाव का सीधा असर आम लोगों के दैनिक खर्चों पर पड़ रहा है। बिजली के बिल, बस का किराया और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने का खतरा बना हुआ है। खाड़ी क्षेत्र में भी सैन्य गतिविधियों के कारण तनाव का माहौल है। Saudi Arabia और Yemen के हूती विद्रोही भी इस टकराव में शामिल हो गए हैं, जिससे रेड सी में जहाजों पर हमले की खबरें आ रही हैं। Bahrain और Kuwait ने भी ईरान के अंदर गुप्त हमले किए हैं, जिसके बाद से तनाव और बढ़ गया है।

व्यापार में बड़ी गिरावट

इस जंग की मार अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ी है। मार्च से जून 2026 के बीच ईरान और चीन के बीच व्यापार में 75% की भारी गिरावट आई है। साथ ही, शिपिंग की लागत भी $2,500–$3,500 से बढ़कर $8,000–$9,000 तक पहुंच गई है, जिसका सीधा असर उन सामानों की कीमतों पर पड़ेगा जो हम तक पहुंचते हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com