दुनिया भर में खेती के लिए जरूरी खाद (Fertiliser) की भारी किल्लत शुरू हो गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने सप्लाई चैन को पूरी तरह बाधित कर दिया है। इसी बीच चीन ने अपने देश में खाद की कमी न हो, इसके लिए निर्यात (Export) पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। जानकारों का मानना है कि चीन के इस फैसले का असर पूरी दुनिया के खाद्य सिस्टम पर पड़ेगा और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं।

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खाद की सप्लाई रुकने की मुख्य वजह क्या है?

28 फरवरी 2026 को ईरान पर शुरू हुए हमलों के बाद Strait of Hormuz में समुद्री यातायात 95% तक कम हो गया है। यह रास्ता दुनिया की एक-तिहाई खाद सप्लाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा चीन ने मार्च के मध्य में नाइट्रोजन और पोटेशियम वाली खाद के निर्यात पर रोक लगा दी है। बीजिंग का यह फैसला अपने घरेलू बाजार को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पाबंदी अगस्त 2026 तक जारी रह सकती है, जिससे भारत, ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे देशों को परेशानी होगी जो चीन से बड़ी मात्रा में खाद खरीदते हैं।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और सरकारों ने क्या कदम उठाए?

संयुक्त राष्ट्र (UNCTAD) ने 23 मार्च 2026 को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस संकट से खाद के साथ-साथ ईंधन की कीमतें भी आसमान छू सकती हैं। दुनिया के अलग-अलग देश अब अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं।

  • अमेरिका: अमेरिकी सरकार किसानों को राहत देने के लिए वेनेजुएला से खाद आयात करने की इजाजत दे रही है।
  • जॉर्डन: अपने देश में सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए टमाटर और खीरे के निर्यात पर रोक लगा दी है।
  • कतर: ऊर्जा संकट के कारण कतर की बड़ी खाद कंपनी QAFCO ने अपना यूरिया प्लांट बंद कर दिया है।
  • भारत: खाद के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता के कारण भारतीय बाजार में भी हलचल देखी जा रही है।

वैश्विक स्तर पर खाद की मौजूदा स्थिति क्या है?

नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है कि इस संकट का असर किन प्रमुख क्षेत्रों और संस्थाओं पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य संगठन (FAO) के मुताबिक, खाड़ी देशों से होने वाली सप्लाई रुकने का फिलहाल कोई तुरंत विकल्प मौजूद नहीं है।

संस्था या देश वर्तमान स्थिति और कदम
UNCTAD Strait of Hormuz में ट्रैफिक कम होने पर गंभीर चिंता जताई
चीन लगभग 40 मिलियन मीट्रिक टन खाद का निर्यात रोक सकता है
अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) किसानों के लिए अतिरिक्त फंडिंग और खाद के सस्ते विकल्पों की तलाश में
ईरान समुद्री रास्ते के लिए अन्य देशों से तालमेल बैठाने की शर्त रखी है
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com