दुनिया भर में खाने-पीने की चीज़ों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। UN की संस्था FAO ने बताया कि अप्रैल में लगातार तीसरे महीने कीमतों में उछाल आया है। इसका मुख्य कारण ईरान युद्ध और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मची हलचल को बताया गया है। इस संकट की वजह से आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ सकता है और आने वाले समय में खाने की किल्लत हो सकती है।

ℹ: Somalia Crisis: ईरान युद्ध और सूखे ने मचाई तबाही, 65 लाख लोग भूखे, मदद के लिए तरस रहा पुंटलैंड

खाने की चीज़ों के दाम बढ़ने की बड़ी वजह क्या है?

FAO के चीफ इकोनॉमिस्ट मैक्सिमो टोरेरो ने बताया कि वेजिटेबल ऑयल की कीमतों में भारी बढ़त हुई है। इसका कारण तेल की बढ़ती कीमतें और बायोफ्यूल की मांग है। वहीं, FAO के डायरेक्टर-जनरल QU डोंग्यु ने चेतावनी दी कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में संकट की वजह से खाद (fertilizer) की कमी हो गई है। यह रास्ता दुनिया के तेल, गैस और खाद के व्यापार के लिए बहुत ज़रूरी है। खाद की कमी की वजह से 2026 के अंत और 2027 की शुरुआत में फसलों की पैदावार कम हो सकती है, जिससे खाने की सप्लाई और कम हो जाएगी।

किन सामानों की कीमतों में कितना बदलाव आया?

FAO की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2026 में फूड प्राइस इंडेक्स 130.7 पॉइंट रहा, जो मार्च के मुकाबले 1.6% ज़्यादा था। वेजिटेबल ऑयल की कीमतों में सबसे ज़्यादा 5.9% की बढ़ोतरी हुई, जो जुलाई 2022 के बाद सबसे ऊँचा स्तर है। मीट की कीमतों ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। नीचे दी गई टेबल में कीमतों के बदलाव की पूरी जानकारी दी गई है:

आइटम कीमत में बदलाव (अप्रैल 2026)
कुल फूड प्राइस इंडेक्स 1.6% बढ़ोतरी
वेजिटेबल ऑयल 5.9% बढ़ोतरी
चावल (Rice Index) 1.9% बढ़ोतरी
मीट (Meat Index) 1.2% बढ़ोतरी (नया रिकॉर्ड)
अनाज (Cereal) 0.8% बढ़ोतरी
डेयरी उत्पाद 1.1% गिरावट
चीनी (Sugar) 4.7% गिरावट

Frequently Asked Questions (FAQs)

दुनिया भर में खाने की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

ईरान युद्ध और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में संकट की वजह से तेल और खाद की सप्लाई बाधित हुई है। इससे वेजिटेबल ऑयल और फसलों की पैदावार पर असर पड़ा है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं।

FAO की रिपोर्ट के अनुसार किन चीज़ों के दाम सबसे ज़्यादा बढ़े हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक वेजिटेबल ऑयल की कीमतों में 5.9% की भारी बढ़त हुई है। इसके अलावा मीट, चावल और अनाज के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।