Global LNG Supply Alert: मिडिल ईस्ट तनाव से दुनिया को होगा बड़ा नुकसान, 15% कम हो सकती है गैस की सप्लाई

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को खतरे में डाल दिया है। International Energy Agency (IEA) ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो 2030 तक दुनिया को मिलने वाली गैस की सप्लाई में भारी कमी आ सकती है। इसका सीधा असर गैस की कीमतों और आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

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गैस की सप्लाई में कितनी कमी आएगी और इसका कारण क्या है?

IEA की तिमाही रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 से 2030 के बीच करीब 120 बिलियन क्यूबिक मीटर (bcm) LNG सप्लाई कम हो सकती है। यह दुनिया की कुल अनुमानित सप्लाई का लगभग 15 प्रतिशत है। इसका मुख्य कारण Strait of Hormuz का बंद होना और मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष है। मार्च महीने में ही ग्लोबल LNG उत्पादन में 8% की गिरावट देखी गई थी।

कतर, UAE और कुवैत पर क्या असर पड़ा है?

कतर और UAE जैसे बड़े गैस उत्पादक देशों की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। कतर के Ras Laffan हब पर हुए हमलों से 2030 तक उत्पादन 70 bcm तक गिर सकता है। साथ ही QatarEnergy के नॉर्थ फील्ड ईस्ट प्रोजेक्ट में देरी से भी सप्लाई कम होगी। दूसरी ओर, कुवैत ने 21 अप्रैल 2026 को ‘फोर्स मेज्योर’ (force majeure) लागू कर दिया है, जिससे वह तेल और रिफाइंड प्रोडक्ट्स की सप्लाई के अपने वादों को पूरा नहीं कर पा रहा है।

सप्लाई और नुकसान का पूरा हिसाब-किताब

गैस की कमी के कारण एशिया और यूरोप में कीमतों में भारी उछाल आया है। मार्च में कीमतें जनवरी 2023 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच गई थीं। अधिक कीमतों की वजह से कई देशों ने गैस की मांग कम कर दी है।

विवरण डाटा / प्रभाव
कुल संभावित नुकसान (2026-2030) 120 bcm
ग्लोबल आउटपुट में कमी 15%
मार्च में उत्पादन में गिरावट 8%
कतर के हब पर हमलों का असर 70 bcm तक कमी
नॉर्थ फील्ड ईस्ट प्रोजेक्ट की देरी 20 bcm नुकसान
Hormuz मार्ग बंद होने का मासिक नुकसान 10 bcm
मार्च-अप्रैल (कतर और UAE) का नुकसान 20 bcm