International Energy Agency (IEA) ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण 2026 में दुनिया भर में तेल की मांग घट सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, तेल की खपत में करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी आएगी। यह साल 2020 के कोरोना महामारी के बाद पहली बार होगा जब तेल की सालाना मांग में ऐसी गिरावट देखी जाएगी।

इस गिरावट की मुख्य वजह Strait of Hormuz में हो रही रुकावटें हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद ने जहाजों के आने-जाने के रास्ते को मुश्किल बना दिया है। IEA की जून 2026 की रिपोर्ट में पहले 11 लाख बैरल की कमी का अनुमान था, लेकिन बाद में इसे थोड़ा बदला गया। एजेंसी का मानना है कि 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) में मांग सबसे ज्यादा गिरी थी, जिसके बाद तीसरी तिमाही में भी कमी रही और चौथी तिमाही में मांग फिर से बढ़ने की उम्मीद है।

तेल की मांग और अनुमान का विवरण

विवरण आंकड़ा
2026 में कुल अनुमानित गिरावट 10 लाख बैरल प्रतिदिन
शुरुआती अनुमान (IEA रिपोर्ट) 11 लाख बैरल प्रतिदिन
Q2 2026 में भारी गिरावट 48 लाख बैरल प्रतिदिन
Q2 2026 का संशोधित सुधार 70,000 बैरल प्रतिदिन
पिछली बड़ी गिरावट का साल 2020 (COVID-19)
तेल सरप्लस की उम्मीद का साल 2027

मिडल ईस्ट के हालात इस हफ्ते और खराब हो गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने 11 जुलाई को कहा कि ईरान के साथ जून के मध्य में हुआ युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। हालांकि, मध्यस्थों के जरिए बातचीत अभी भी जारी है। दूसरी तरफ, ईरान के अधिकारियों ने निजी तौर पर ट्रंप के सलाहकारों को बताया कि Strait of Hormuz में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले कुछ कट्टरपंथियों की गलती थी और वे बातचीत जारी रखना चाहते हैं। व्हाइट हाउस चाहता है कि ईरान इस गलती को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करे।

Strait of Hormuz के रास्ते से जहाजों की आवाजाही अब बहुत कम हो गई है और यहाँ खतरे का स्तर SEVERE बताया गया है। 7 जुलाई को एक कतरी LNG टैंकर और एक सऊदी कच्चे तेल के टैंकर पर हमला हुआ, वहीं 8 जुलाई को तीन अन्य कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया गया। इस वजह से कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है या वापस लौट गए हैं, जिससे बीमा कंपनियों ने भी वार-रिस्क कवरेज को फिर से जाँचना शुरू कर दिया है।

अमेरिका की मांग है कि ईरान की लीडरशिप सार्वजनिक रूप से जहाजों की आवाजाही बहाल करने और हमलों को रोकने की पुष्टि करे ताकि बातचीत आगे बढ़ सके। वहीं, ईरान की Revolutionary Guard Navy ने साफ किया है कि जहाजों का रास्ता तभी खुलेगा जब वह ईरान के इंतजामों के हिसाब से होगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com