मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सैन्य कार्रवाई के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया है। बुधवार, 29 जुलाई 2026 को ब्रेंट क्रूड के दाम करीब 7 फीसदी बढ़ गए हैं। Emirates News Agency (WAM) की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड का भाव 6.16 डॉलर बढ़कर 90.25 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है।
तेल की कीमतों पर असर और कारण
कीमतों में आई इस तेजी के पीछे ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष मुख्य वजह है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए, जिसके जवाब में सऊदी और अमेरिकी सेना ने भी कार्रवाई की है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास टैंकरों के प्रभावित होने की खबरों ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार पिछले 7.75 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे सप्लाई को लेकर डर बना हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में अस्थिरता बनी रह सकती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।
| क्रूड ऑयल प्रकार | बढ़त (प्रतिशत) | नई कीमत (डॉलर में) |
|---|---|---|
| Brent Crude | 7.33% | 90.25 |
| US WTI Crude | 6.81% | 84.65 |
