दुनिया भर में तेल की किल्लत होने वाली है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने अपनी नई रिपोर्ट में बताया है कि ईरान युद्ध की वजह से 2026 तक तेल की सप्लाई में बहुत बड़ी गिरावट आएगी। इस संकट का सीधा असर दुनिया भर में तेल की कीमतों और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। IEA ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा तेल संकट बताया है।

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तेल की सप्लाई में कितनी कमी आएगी और क्यों?

IEA ने अपने अनुमान को बदलते हुए कहा है कि 2026 में दुनिया भर में तेल की सप्लाई लगभग 39 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) कम हो जाएगी। पहले यह कमी सिर्फ 15 लाख बैरल होने का अनुमान था। अब यह माना जा रहा है कि तेल की मांग के मुकाबले सप्लाई 17.8 लाख बैरल प्रतिदिन कम रहेगी। इसका मुख्य कारण ईरान से जुड़ा युद्ध और उसके कारण होने वाली रुकावटें हैं। एजेंसी का मानना है कि अगर जून तक युद्ध खत्म भी हो जाता है, तब भी 2026 की तीसरी तिमाही तक बाजार में तेल की भारी कमी बनी रहेगी।

मिडिल ईस्ट और सऊदी अरब पर क्या असर होगा?

खाड़ी देशों के तेल उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ है। अब तक 1 अरब बैरल से ज़्यादा तेल की सप्लाई का नुकसान हो चुका है। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और Strait of Hormuz में पाबंदियों की वजह से लगभग 1.4 करोड़ बैरल प्रतिदिन का उत्पादन रुक गया है। Saudi Aramco के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz के रास्ते होने वाली रुकावटों की वजह से बाजार को सामान्य होने में 2027 तक का समय लग सकता है। उनके मुताबिक हर हफ्ते करीब 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान हो रहा है।

तेल संकट से जुड़े मुख्य आंकड़े

विवरण आंकड़े/जानकारी
2026 में संभावित कमी 39 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd)
सप्लाई और डिमांड का अंतर 17.8 लाख bpd की कमी
मिडिल ईस्ट का कुल नुकसान 1 अरब बैरल से अधिक
रुका हुआ उत्पादन 1.4 करोड़ bpd
रणनीतिक भंडार से जारी तेल 40 करोड़ बैरल
साप्ताहिक संभावित नुकसान 10 करोड़ बैरल
मांग में गिरावट (2026) 4.2 लाख bpd

अमेरिका और अन्य देशों की तैयारी क्या है?

तेल की कमी को पूरा करने के लिए IEA सदस्य देशों ने मिलकर अपने रणनीतिक भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल निकालने का फैसला किया था, जिसमें से 16.4 करोड़ बैरल पहले ही निकाल लिए गए हैं। अमेरिका ने भी अपने Strategic Petroleum Reserve से 5.33 करोड़ बैरल कच्चे तेल के लोन की योजना बनाई है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ युद्धविराम की स्थिति खराब हो सकती है। तेल की बढ़ती कीमतों और धीमी आर्थिक रफ्तार की वजह से दुनिया भर में तेल की मांग में भी 4.2 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट आने का अनुमान है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

2026 में तेल की सप्लाई क्यों कम होगी?

IEA के अनुसार ईरान से जुड़े युद्ध और Strait of Hormuz में तेल टैंकरों की आवाजाही में रुकावट आने के कारण तेल की सप्लाई में 39 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी आएगी।

तेल बाजार कब तक सामान्य होगा?

Saudi Aramco के CEO अमीन नासिर के मुताबिक, सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण बाजार को पूरी तरह सामान्य होने में साल 2027 तक का समय लग सकता है।