International Monetary Fund (IMF) ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान के साथ युद्ध और बढ़ा और तेल की सप्लाई में दिक्कत आई, तो पूरी दुनिया मंदी (recession) की कगार पर पहुँच सकती है। यह जानकारी IMF की नई World Economic Outlook रिपोर्ट के आने के बाद सामने आई है।

IMF की रिपोर्ट और मंदी का खतरा

IMF की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान युद्ध की वजह से ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल आया है। अगर हालात सबसे खराब रहे, तो दुनिया की आर्थिक तरक्की की रफ्तार काफी गिर जाएगी। इसके लिए IMF ने कुछ मुख्य आंकड़े दिए हैं:

विवरण संभावित असर (Severe Scenario)
ग्लोबल ग्रोथ (Global Growth) घटकर 2 प्रतिशत तक हो सकती है
महंगाई (Inflation) 6 प्रतिशत से ज़्यादा हो सकती है
तेल की कीमत (Oil Prices) 110 से 125 डॉलर प्रति बैरल

अमेरिका की नाकेबंदी और ट्रंप का बयान

अमेरिका ने 14 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह नाकेबंदी (naval blockade) कर दी है। US Treasury ने ईरानी तेल पर दी गई अस्थायी छूट को खत्म करने का फैसला किया है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 अप्रैल को कहा कि ईरान युद्ध अब खत्म होने के करीब है और उन्होंने दावा किया कि ईरान का समुद्री व्यापार पूरी तरह रुक गया है।

शांति की कोशिशें और अंतरराष्ट्रीय कदम

युद्ध के असर को कम करने के लिए IMF, वर्ल्ड बैंक और IEA अब हर दो हफ्ते में मीटिंग करेंगे ताकि तेल बाज़ार पर नज़र रखी जा सके। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा दौर शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने बताया कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी है जिसे दूर होने में समय लगेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.