ईरान पर चल रहे सैन्य अभियान और उसके आर्थिक असर को देखते हुए ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में स्थिरता देखने को मिली है। निवेशक अभी बाजार की स्थिति को समझने के लिए इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले मार्च की शुरुआत में युद्ध की वजह से सोने का भाव रिकॉर्ड 5,400 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था, जो अब थोड़ा संभलकर एक दायरे में आ गया है।

🗞️: Oman Fish Market: ओमान में ईद को लेकर बड़ा ऐलान, 19 मार्च से बंद रहेगा सेंट्रल फिश मार्केट

आज क्या चल रहा है सोने का रेट?

अखबार 24 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड का भाव 5,000.77 डॉलर से लेकर 5,011.38 डॉलर प्रति औंस के बीच चल रहा है। वहीं, अप्रैल में डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई है और यह 5,004.60 डॉलर पर बना हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने के दाम फिलहाल एक सुरक्षित दायरे में हैं और इसमें अचानक कोई बड़ा उछाल नहीं देखा जा रहा है।

निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले पर टिकी है, जो आज ही घोषित होने वाला है। ब्याज दरों में कोई भी बदलाव सीधे तौर पर सोने के रेट और महंगाई पर असर डालेगा।

युद्ध और ग्लोबल मार्केट पर असर

फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद से खाड़ी देशों में टेंशन का माहौल है। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान के सामने मुख्य रूप से यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह से रोकने और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर लगाम लगाने की मांग रखी है। इस बीच समुद्री रास्तों पर भी असर पड़ा है और होर्मुज जलडमरूमध्य को कमर्शियल जहाजों के लिए बंद रखा गया है।

इन हालातों में आम लोग और निवेशक सोने को महंगाई से बचने का एक सुरक्षित जरिया मान रहे हैं क्योंकि ग्लोबल सप्लाई चैन में रुकावट से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। दुनिया भर के बड़े सेंट्रल बैंक जैसे यूके, यूरो जोन, जापान और कनाडा भी युद्ध शुरू होने के बाद अपनी पहली मीटिंग कर रहे हैं। इन बैठकों से यह तय होगा कि आने वाले समय में महंगाई से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे और इसका सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.