वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 18 मार्च 2026 को सोने का भाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5,000 डॉलर प्रति औंस के बेहद करीब पहुंच गया। यह उछाल उन निवेशकों के लिए बड़ी खबर है जो सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं। सऊदी अरब में रह रहे प्रवासियों के लिए इसका सीधा असर उनकी बचत और खरीदारी पर पड़ सकता है क्योंकि स्थानीय बाजार में भी हलचल तेज हो गई है।

सऊदी अरब के बाजारों में सोने की स्थिति क्या है?

सऊदी अरब के स्थानीय बाजारों में सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय मार्केट के हिसाब से बदलती रहती हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक सऊदी में 24 कैरेट सोने का भाव 625.29 रियाल प्रति ग्राम के आसपास दर्ज किया गया है। वहीं 21 कैरेट सोना, जो प्रवासियों के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, उसका भाव 547 रियाल के करीब पहुंच गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत भी लगभग 468 रियाल प्रति ग्राम रही है। प्रवासियों के लिए अब सोना खरीदना पहले के मुकाबले काफी महंगा साबित हो सकता है।

कीमतों में अचानक तेजी आने के मुख्य कारण क्या हैं?

आर्थिक विशेषज्ञों ने इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कई बड़े कारणों की तरफ इशारा किया है। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और अर्थव्यवस्था में मंदी के डर ने सोने की मांग को अचानक बढ़ा दिया है।

कारण बाजार पर असर
केंद्रीय बैंक की खरीदारी रिजर्व बढ़ाने के लिए भारी मात्रा में सोना खरीदा गया
वैश्विक महंगाई महंगाई के कारण सुरक्षित निवेश के लिए सोने को चुना गया
भू-राजनीतिक तनाव अनिश्चितता के माहौल में सोने की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक वैश्विक आर्थिक दबाव कम नहीं होते, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे बाजार की स्थिति को देखते हुए ही बड़े फैसले लें।