Hindustan Copper Divestment: सरकार ने हिन्दुस्तान कॉपर में 6 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का किया ऐलान, मिलेगा इतना फंड.

भारतीय सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी Hindustan Copper Limited में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़े फैसले के तहत सरकार ने ऑफर फॉर सेल यानी OFS लाने का निर्णय लिया है, जिससे सरकारी खजाने में लगभग 3,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने की योजना है। इस पूरी बिक्री प्रक्रिया के जरिए सरकार कंपनी में कुल 6 प्रतिशत तक का हिस्सा खुले बाजार में बेचेगी, जिससे देश के सरकारी कोष को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
शेयर बिक्री की पूरी प्रक्रिया और तारीखें
इस शेयर बिक्री की प्रक्रिया में निवेशकों के लिए अलग-अलग दिन तय किए गए हैं। सबसे पहले बड़े संस्थागत यानी इंस्टीट्यूशनल बिडर्स को मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को इस शेयर सेल में बोली लगाने का मौका मिला। इसके बाद आम खुदरा निवेशकों यानी रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया बुधवार, 26 अगस्त 2026 से शुरू हुई। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बोली लगाने का समय सुबह 9:15 AM से लेकर दोपहर 3:30 PM तक का निर्धारित किया गया था। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित होंगे, उनके खातों में शेयरों का सेटलमेंट और क्रेडिट गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को पूरा किया जाएगा। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।
हिस्सेदारी और ग्रीन-शू विकल्प की जानकारी
सरकार की योजना के मुताबिक, शुरुआत में कंपनी का 3 प्रतिशत इक्विटी हिस्सा ही पहली किस्त के रूप में बेचा जा रहा है। हालांकि सरकार के पास एक ग्रीन-शू विकल्प भी सुरक्षित रखा गया है, जिसके तहत यदि बाजार में शेयरों की अच्छी मांग देखने को मिलती है, तो अतिरिक्त 3 प्रतिशत हिस्सा और बेचा जा सकता है। निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग यानी DIPAM के सचिव Arunish Chawla ने इस बिक्री की संरचना की पुष्टि की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुल ऑफर का 10 प्रतिशत हिस्सा विशेष तौर पर केवल छोटे और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है ताकि आम लोग भी इसमें आसानी से भाग ले सकें।
फ्लोर प्राइस और कर्मचारियों के लिए विशेष छूट
इस शेयर बिक्री के लिए सरकार की तरफ से फ्लोर प्राइस 514 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। यह तय की गई कीमत हालिया बाजार में चल रहे ट्रेडिंग भाव की तुलना में डिस्काउंट पर रखी गई है। इसके अलावा, हिन्दुस्तान कॉपर के पात्र कर्मचारियों के लिए भी इस ऑफर में कुल 25,000 शेयर आरक्षित किए गए हैं, ताकि कंपनी के कर्मचारी भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें। इस पूरी वित्तीय लेनदेन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए DAM Capital Advisors Limited, Emkay Global Financial Services Limited और IDBI Capital Markets and Securities Limited जैसी बड़ी वित्तीय संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बाजार का हाल और पिछला रिकॉर्ड
यह पूरा शेयर बिक्री कार्यक्रम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI के दिशा-निर्देशों और स्टॉक एक्सचेंज के नियमों के अनुसार चलाया जा रहा है। इसके लिए देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों यानी National Stock Exchange और BSE को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में उपयोग किया जा रहा है। हिन्दुस्तान कॉपर कंपनी खान मंत्रालय यानी Ministry of Mines के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत काम करती है। इस बिक्री से पहले सरकार के पास कंपनी में कुल 66.14 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी। शेयर बाजार में कारोबार के दौरान 25 अगस्त 2026 को बीएसई पर कंपनी के शेयर की कीमतों में करीब 6.37 प्रतिशत से 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद शेयर का भाव गिरकर 514 रुपये प्रति शेयर पर आ गया। चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार का यह disinvestment यानी विनिवेश का 10वां प्रयास है, और इससे पहले सरकार सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से कुल 52,716 करोड़ रुपये पहले ही जुटा चुकी है।