ढलती उम्र में निराधारों को आधार देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा पेंशन योजना चलाई जाती है. जिसमें से। संजय गांधी निराधार योजनांतर्गत 65 वर्ष से अधिक आयु रहने वाले बुजुर्गों को 1 हजार रुपए की पेंशन दी जाती है. इससे पहले इस योजना के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी तरह के बुजुर्गों को आर्थिक आधार पर पेंशन दी जाती है. परंतु अब नये नियमानुसार जिन बुजुर्गों को बाल-बच्चे है, उन्हें यह पेंशन मिलना बंद हो जाएंगी. जिसकी वजह से कई बुजुर्गों को अब इस पेंशन से वंचित रहना पड़ेगा.

अब बंद हो जाएंगी इनके पेंशन

जिन बुजुर्गों की आयु 65 वर्ष से अधिक है और जिनके बाल बच्चों की आयु 25 वर्ष से अधिक है, ऐसे बुजुर्गों की निराधान पेंशन बंद हो जाएगी, ऐसी जानकारी है. इस नये नियम का खामियाजा कई बुजुर्गों को उठाना पड़ सकता है.

विधवाओं और दिव्यांगों को मिलती रहेगी पेंशन

विधवा महिलाओं को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा निवृत्ति वेतन योजना से प्रतिमाह हजार रुपए की पेंशन मिलती है. यह योजना पहले की तरह जारी रहेगी. साथ ही दिव्यांग लाभार्थियों की पेंशन भी पूर्ववत चलती रहेगी.

इन लोगो के लिए पेंशन स्कीम के बदलाव

सरकार ने 25 वर्ष से अधिक आयु वाले बाल-बच्चे रहने वाले बुजुर्गों को पेंशन देना बंद करने का निर्णय लिया है किंतु इन दिनों संयुक्त परिवार पद्धति खत्म होती जा रही है और एकल परिवारों व विभक्त परिवारों का प्रमाण बढ़ रहा है.

कई बच्चे अपने माता-पिता को अपने साथ नहीं रखते है. ऐसे बुजुर्गों के लिए यह योजना बेहद लाभदायी थी. लेकिन अब बाल बच्चे रहने वाले बुजुर्गों के लिए इस योजना को बंद करने का निर्णय लिया गया है. जिसकी वजह से अपने बाल-बच्चों से अलग रहने वाले बुजुर्गों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है. जिसके चलते ऐसे बुजुर्गों ने इस फैसले को लेकर काफी हद तक नाराजी देखी जा रही है.

Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।