भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक प्रॉड्यूसर कंपनी में ख़त्म होगा भारत सरकार का हिस्सा

निवेशकों के लिए ये अवसर बड़ा साबित हो सकता है, क्योकि भारत सरकार ने विश्व की दूसरी एवं भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड जिंक प्रॉड्यूसर कंपनी की हिस्सेदारी बेचने का ऐलान कर दिया है, इसके पीछे कई वजहे शामिल है, इसके लिए मर्चेंट बैंकर्स से चर्चा की जा रही है। आइये जानते है कैसे होगा निवेशकों को लाभ।

हिंदुस्तान जिंक: बिकेगी सरकार की हिस्सेदारी

सरकार ने निर्णय लिया है कि वह अपनी हिस्सेदारी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) में बेचेगी, इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक वैल्यू हासिल करना है।

HINDUSTAN ZINC LIMITED
HINDUSTAN ZINC LIMITED

सरकार की हिस्सेदारी है इतनी

वित्तीय प्रभाव: हाल की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की हिस्सेदारी की मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 40,000 करोड़ रुपये है। हिंदुस्तान जिंक के शेयर मंगलवार को 321.15 रुपये पर बंद हुए थे।

वेदांता भी है 64.92 प्रतिशत का हक़दार

वेदांता की मौजूदा हिस्सेदारी: हिंदुस्तान जिंक, वेदांता लिमिटेड की सहायक कंपनी है और वेदांता की हिस्सेदारी इसमें 64.92 प्रतिशत है।

सरकार ला रहा OFS

ऑफर फॉर सेल (OFS) की योजना: सरकार OFS लाने के लिए मर्चेंट बैंकर्स के साथ चर्चा में है, और यह ऑफर चालू वित्त वर्ष में आ सकता है।

महत्वपूर्ण सूचना तालिका:

विवरण आंकड़े
मौजूदा हिस्सेदारी (सरकार) 29.54%
शेयर मूल्य (17 अक्टूबर 2023) ₹321.15
शेयर मूल्य (18 अक्टूबर 2022) ₹280.60
वार्षिक वृद्धि 15%

सामान्य प्रश्न:

  1. सरकार क्यों अपनी हिस्सेदारी बेच रही है?
    • सरकार अपनी हिस्सेदारी से अधिक से अधिक वैल्यू हासिल करना चाहती है।
  2. OFS क्या है?
    • OFS यानी ऑफर फॉर सेल, यह एक प्रक्रिया है जिसमें हिस्सेदार अपने शेयरों को बाजार में बेच सकते हैं।
  3. हिंदुस्तान जिंक की वर्तमान स्थिति क्या है?
    • हिंदुस्तान जिंक देश की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक प्रॉड्यूसर है, और इसके शेयरों में पिछले एक वर्ष में 15% की वृद्धि हुई है।