GPSSA यानी General Pension and Social Security Authority ने GCC देशों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए इंश्योरेंस प्रोटेक्शन स्कीम को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस स्कीम का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि खाड़ी देशों के नागरिक जो अपने देश से बाहर किसी दूसरे GCC सदस्य देश में काम कर रहे हैं, उनका पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कवर लगातार बना रहे।

क्या है यह नया नियम

GPSSA ने स्पष्ट किया है कि इस स्कीम के तहत जो भी पेंशन योगदान दिया जाएगा, वह कर्मचारी के होम कंट्री (गृह देश) के सामाजिक सुरक्षा कानूनों के हिसाब से ही मैनेज होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप किसी दूसरे GCC देश में नौकरी कर रहे हैं, तो आपके पेंशन और रिटायरमेंट के फायदे आपके अपने देश के नियमों से तय होंगे। यह सुविधा उन नागरिकों के लिए है जो सरकारी या निजी क्षेत्र, यहां तक कि फ्री जोन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी काम कर रहे हैं।

नियोक्ताओं (Employers) की क्या है जिम्मेदारी

नियम के मुताबिक, जो कंपनियां या मालिक किसी GCC नागरिक को नौकरी पर रखते हैं, उनकी यह जिम्मेदारी है कि वे कर्मचारी को इस योजना में समय पर रजिस्टर करवाएं। इसमें कर्मचारी की जॉइनिंग की तारीख और वेतन की सटीक जानकारी देना जरूरी है, ताकि पेंशन के योगदान में कोई गड़बड़ी न हो।

GPSSA ने सभी कंपनियों और कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे अपने रिकॉर्ड पर नजर रखें और समय पर अपना कंट्रीब्यूशन जमा करें। ऐसा करने से भविष्य में होने वाली पेनल्टी से बचा जा सकेगा और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ सुरक्षित रहेंगे। यह योजना GCC देशों के बीच लेबर मार्केट को और अधिक मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.