सऊदी अरब के मक्का स्थित Grand Mosque में अब बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। General Authority ने उनके लिए अलग रास्ते और सुविधाओं का पूरा सिस्टम बनाया है। इसका मकसद यह है कि उम्रदराज लोग और दिव्यांग भाई-बहन बिना किसी परेशानी के अपनी इबादत पूरी कर सकें और उन्हें सुरक्षित माहौल मिले।

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बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए क्या बदलाव किए गए हैं?

General Authority for the Care of the Affairs of the Grand Mosque and the Prophet’s Mosque ने बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग रास्ते तय किए हैं। इससे उन्हें मस्जिद के अंदर आने-जाने और अलग-अलग फ्लोर पर जाने में आसानी होगी। शेख Abdul Rahman Al-Sudais ने बताया कि बुजुर्गों की सेवा करना प्रशासन की प्राथमिकता है ताकि वे बिना किसी कठिनाई के अपनी रस्में पूरी कर सकें।

प्रशासन ने उमराह पर आने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वे मस्जिद में उपलब्ध स्पैटियल गाइडेंस गाइड का इस्तेमाल करें। इस गाइड में रास्तों, लिफ्ट और अन्य मदद करने वाली सेवाओं की पूरी जानकारी दी गई है।

मिलने वाली खास सुविधाओं की पूरी लिस्ट

मस्जिद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई आधुनिक साधन उपलब्ध कराए हैं। इसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियां और खास प्रार्थना कक्ष शामिल हैं। नीचे दी गई टेबल में आप सभी सुविधाओं की जानकारी देख सकते हैं:

सुविधा विवरण
इलेक्ट्रिक गाड़ियां कुल 8,000 इलेक्ट्रिक और रेगुलर गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं
खास रास्ते बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग रास्ते और रैम्प बनाए गए हैं
प्रार्थना कक्ष King Fahd विस्तार के गेट 91 और 64 के पास अलग कमरे बनाए गए हैं
शटल सर्विस गाज़ा ब्रिज से अल-सलाम बेसमेंट तक इलेक्ट्रिक शटल सेवा चालू है
सुनने में असमर्थ लोगों के लिए खुतबा सुनने के लिए विशेष हेडफोन दिए गए हैं
दृष्टिबाधित लोगों के लिए पवित्र कुरान की Braille प्रतियों का इंतजाम किया गया है
अन्य सहायता सूखे वज़ू के साधन और साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर उपलब्ध हैं

अन्य जरूरी सहायता और सेवाएं

मस्जिद में आने वाले लोगों के लिए कई वॉलंटियर्स भी तैनात किए गए हैं। ये लोग तवाफ और सई के लिए मुफ्त व्हीलचेयर, छाते और अन्य उपहार प्रदान करते हैं। महिलाओं के लिए भी Women’s Agency के जरिए खास इंतजाम किए गए हैं ताकि बुजुर्ग महिलाएं आसानी से दाखिल हो सकें और नमाज़ पढ़ सकें।

अलग-अलग गेट जैसे गेट 68 और 90 पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए खास रैम्प और साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा अजयाद, अल-शोबाइका और अल-मरवाह जैसे इलाकों में लिफ्ट और पुलों का इंतजाम किया गया है ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.