ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने फैसला किया है कि जिन बिल्डरों ने खरीदारों की फ्लैट रजिस्ट्री नहीं कराई, उनसे दिए गए सभी सरकारी लाभ वापस ले लिए जाएंगे। 13 बिल्डरों को नोटिस भेजा गया है और अब उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू होगी। लगभग 35,000 से ज्यादा फ्लैट आज भी रजिस्ट्री के इंतज़ार में हैं।


मुख्य बातें (Key Highlights)

  • 13 बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

  • रजिस्ट्री न कराने पर सभी लाभ वापस

  • 35,000+ फ्लैट की रजिस्ट्री अटकी

  • दिसंबर 2023 की अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू

  • 25% बढ़ी हुई रकम जमा करने पर ही रजिस्ट्री संभव

  • कई बिल्डरों ने फायदा लेने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं की


📰 पूरी खबर — आसान भाषा में

ग्रेटर नोएडा में फ्लैट खरीदारों की सबसे बड़ी समस्या— रजिस्ट्री न होना — को लेकर प्राधिकरण सख्त हो गया है।

प्राधिकरण ने साफ कह दिया है कि जिन बिल्डरों ने सरकारी राहतों का फायदा तो लिया, लेकिन खरीदारों की रजिस्ट्री नहीं कराई, उनसे सभी लाभ वापस लिए जाएंगे

यह फैसला अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के आधार पर हुआ है, जिसमें अधूरी परियोजनाएँ पूरा कराने के लिए कई रियायतें दी गई थीं।


🏢 कौन से बिल्डर कार्रवाई के दायरे में?

बोर्ड ने शनिवार को हुई बैठक में 13 बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी दी।

इन बिल्डरों ने:

  • बढ़ी हुई रकम जमा नहीं की

  • खरीदारों की रजिस्ट्री नहीं कराई

  • सरकारी लाभ लेने के बावजूद काम पूरा नहीं किया

इसी वजह से अब उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाया जा रहा है।


🏠 35,000+ फ्लैट की रजिस्ट्री अभी भी रुकी

रिपोर्ट के अनुसार, 35,000 से अधिक घर खरीदार आज भी अपनी रजिस्ट्री का इंतज़ार कर रहे हैं।
कई परियोजनाओं में बढ़ा हुआ पैसा जमा करने के बाद ही रजिस्ट्री खुलनी थी, लेकिन बिल्डरों ने प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई।

इसी वजह से आज भी हजारों परिवार अपनी मेहनत की कमाई के घर की कानूनी स्वामित्व (रजिस्ट्री) से वंचित हैं।


📌 किन सेक्टरों के बिल्डर कार्रवाई में शामिल?

सूत्रों के मुताबिक सेक्टर बीटा-2, एसएसआरएस टेक, सेक्टर अल्फा-1 तथा अन्य क्षेत्रों के कई बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई तय है।


FAQ — आम सवाल

Q. क्या रजिस्ट्री अब तुरंत चालू होगी?
सरकार लाभ वापस ले रही है, जिससे बिल्डरों पर दबाव बढ़ेगा। इसके बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

Q. क्या खरीदारों को कोई अतिरिक्त पैसा देना होगा?
केवल वही 25% बढ़ी हुई रकम देनी है जो समिति की सिफारिशों में तय की गई थी।

Q. क्या बिल्डरों पर आगे और दंड लगेंगे?
हाँ, आदेश न मानने पर प्राधिकरण प्रोजेक्ट के आगे के काम को अपने नियंत्रण में भी ले सकता है।