गिनी लैंडफिल हादसा: भारी बारिश से कचरे का पहाड़ ढहने से 30 लोगों की मौत, 22 घायल.

पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी की राजधानी कोनाक्री में भारी बारिश के बाद एक बड़ा हादसा हो गया, जहां कचरा डंपिंग साइट का विशाल ढेर अचानक ढह गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है, जबकि राहत और बचाव कार्य के दौरान 6 लोग गंभीर रूप से और 16 अन्य लोग मामूली रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा रविवार तड़के करीब 2 बजे ग्बेसिया इलाके में हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई।
ब्रिटिश दैनिक समाचार पत्र 'द गार्डियन' और चीन की आधिकारिक सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने सरकार के हवाले से जानकारी दी है कि रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण लैंडफिल में जमा कचरे का भारी-भरकम हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। इस मलबे की चपेट में आने से पास ही बने टेंट, झुग्गियां और कमजोर मकान पूरी तरह से दब गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचावकर्मी तुरंत हरकत में आए और मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए एक्सकेवेटर और अन्य भारी मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया गया ताकि जल्द से जल्द लोगों को बाहर निकाला जा सके।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस दिल दहला देने वाले हादसे में कई परिवारों ने अपने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया है। हादसे में अपने पांचों बच्चों को खोने वाली एक स्थानीय महिला सिरे डियालो ने मीडिया से बात करते हुए दर्द बयां किया और कहा कि उन्होंने अपने सभी बच्चों को खो दिया है और अब उनके पास भगवान पर भरोसा करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। घटनास्थल पर मौजूद अन्य चश्मदीदों का भी कहना था कि कचरे का मलबा इतना ज्यादा था कि उसने एक अपार्टमेंट बिल्डिंग के साथ-साथ कई कमजोर घरों को अपनी आगोश में ले लिया।
सरकार की योजना से पहले हुआ हादसा
हैरानी की बात यह है कि यह दुर्घटना सरकार द्वारा इस खतरनाक लैंडफिल को बंद करने की योजना की घोषणा के ठीक कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। क्षेत्रीय प्रशासन मंत्री जेनाबू टौरे कमारा ने पिछले सप्ताह वीरवार को ही एक आधिकारिक घोषणा में कहा था कि यह साइट अब पूरी तरह से असुरक्षित हो चुकी है और यहां आने वाले कचरे को कोनाक्री शहर से बाहर किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर ट्रांसफर किया जाएगा। लेकिन इससे पहले कि सरकार इस पर कोई ठोस अमल कर पाती, प्रकृति का कहर और लापरवाही मिलकर इस बड़ी त्रासदी का कारण बन गई।
प्रधानमंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा
हालात की गंभीरता को देखते हुए गिनी के प्रधानमंत्री अमादौ ओरी बाह ने रविवार को खुद दुर्घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर हुए नुकसान का जायजा लिया और चल रहे राहत तथा बचाव कार्यों की कड़ी निगरानी की। प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने, कठिन समय में आपसी एकजुटता दिखाने और बचाव सेवाओं तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के सभी निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने की अपील की है ताकि किसी भी तरह की और परेशानी से बचा जा सके।
पश्चिम अफ्रीका में बुनियादी ढांचे की समस्या
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में पश्चिम अफ्रीका के घनी आबादी वाले शहरों में भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। क्षेत्र में खराब बुनियादी ढांचे और अनियोजित बस्तियों के कारण ऐसे प्राकृतिक या मानवनिर्मित हादसों में जानमाल का नुकसान और अधिक भयानक हो जाता है। गौरतलब है कि अप्रैल में विश्व बैंक द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश की करीब 1.51 करोड़ की कुल आबादी में से लगभग 37 लाख लोग रोजाना 4.20 डॉलर यानी लगभग 401.70 रुपये से भी कम आय पर अपना जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
भले ही गिनी के पास दुनिया का सबसे बड़ा बॉक्साइट भंडार और सिमांडू में सबसे समृद्ध अप्रयुक्त लौह अयस्क भंडार मौजूद हो, जहां नवंबर में एक बड़ा खनन प्रोजेक्ट भी शुरू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद इस पश्चिमी अफ्रीकी देश में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और बड़े पैमाने पर गरीबी फैली हुई है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को निकालने और घायलों का इलाज करवाने पर केंद्रित है।