सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत की वायु रक्षा प्रणालियों ने पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। यह हमले ईरान की ओर से किए गए थे, जिसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन सैन्य गतिविधियों की वजह से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी हो रही है और आम लोगों, विशेषकर प्रवासियों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल किसी भी नए खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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सऊदी, यूएई और कुवैत में क्या हुआ है?

28 और 29 मार्च 2026 को खाड़ी देशों की सीमाओं के भीतर घुसपैठ की कोशिश कर रहे कई हथियारों को मार गिराया गया। इन हमलों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

देश प्रमुख कार्रवाई नुकसान और प्रभाव
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 20 बैलिस्टिक मिसाइलें और 37 ड्रोन मार गिराए 11 लोगों की मौत, 178 घायल, मृतकों में एक भारतीय शामिल
सऊदी अरब रियाद की ओर आ रही मिसाइल और 10 ड्रोन नष्ट किए प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर 12 सैनिक घायल
कुवैत नेशनल गार्ड ने 4 ड्रोन मार गिराए एयरपोर्ट रडार सिस्टम को नुकसान, रात में सायरन बजे

आम जनता और यात्रियों के लिए क्या निर्देश हैं?

  • कुवैत और यूएई के रक्षा मंत्रालयों ने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें और केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करें।
  • सैन्य गतिविधियों और हवाई क्षेत्र में पाबंदियों के कारण दुबई और कुवैत जैसे बड़े हवाई अड्डों पर उड़ानों का समय बदल सकता है।
  • जो प्रवासी या भारतीय कामगार इन देशों में रह रहे हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे आपातकालीन सायरन बजने पर सुरक्षा केंद्रों की ओर जाएं।
  • यात्रा करने वाले लोग घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन के जरिए फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें।
  • GCC देशों ने साफ किया है कि किसी भी एक सदस्य देश पर हमला पूरे समूह पर हमला माना जाएगा और इसका मिलकर जवाब दिया जाएगा।