खाड़ी देशों (GCC) में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सांख्यिकी केंद्र की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में इस क्षेत्र में औसत से करीब 49.4 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही कुवैत, सऊदी और यूएई जैसे देश अब क्लीन एनर्जी और सोलर पावर पर बहुत तेज़ी से काम कर रहे हैं ताकि भविष्य की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके। मौसम और ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे ये बदलाव खाड़ी में रहने वाले लोगों के जीवन पर सीधा असर डाल रहे हैं।

बारिश और तापमान को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े?

GCC देशों की रिपोर्ट के अनुसार, 1980 से 2010 के लंबे समय के औसत के मुकाबले 2024 में बारिश में भारी उछाल आया है। हालांकि बारिश बढ़ी है, लेकिन तापमान के मामले में स्थिति मिली-जुली रही है। 2012 से 2024 के बीच कई स्टेशनों पर अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा, लेकिन विश्व मौसम विज्ञान संगठन का कहना है कि अरब क्षेत्र दुनिया के दूसरे हिस्सों के मुकाबले दोगुनी रफ़्तार से गर्म हो रहा है। कुवैत में 26 अप्रैल 2025 को तापमान 49 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो उस समय काफी चर्चा में रहा था।

बिजली उत्पादन और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में बड़े बदलाव

खाड़ी देशों ने सोलर और विंड एनर्जी के क्षेत्र में अपनी क्षमता को बहुत तेज़ी से बढ़ाया है। सरकारों का लक्ष्य है कि वे 2050 से 2060 के बीच नेट-जीरो के लक्ष्य को हासिल कर लें। पिछले कुछ सालों में हुए विकास को नीचे दी गई जानकारी से समझा जा सकता है:

  • सोलर क्षमता: साल 2013 से 2024 के बीच इसमें 88.1% की सालाना दर से बढ़ोतरी हुई है।
  • विंड एनर्जी: साल 2015 में यह मात्र 4.8 मेगावाट थी, जो 2024 में बढ़कर 567 मेगावाट तक पहुंच गई है।
  • बिजली उत्पादन: सोलर एनर्जी से बिजली का उत्पादन 2013 के 0.13 हजार गीगावाट-घंटे से बढ़कर 2023 में 23.5 हजार गीगावाट-घंटे हो गया है।
  • तकनीक आयात: खाड़ी देशों में इस्तेमाल होने वाले 99.4% सोलर सेल चीन से मंगाए जा रहे हैं।

प्रवासियों और आम जनता पर इसका क्या असर होगा?

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह बदलाव काफी अहम है। सरकारों ने अब मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट भेजने वाला सिस्टम शुरू किया है ताकि भारी बारिश या खराब मौसम की स्थिति में लोगों को समय पर जानकारी मिल सके। इसके अलावा, स्कूलों में भी अब पर्यावरण से जुड़ी शिक्षा दी जा रही है। रिन्यूएबल एनर्जी में हो रहे भारी निवेश से आने वाले समय में नौकरियों के नए मौके भी मिलेंगे, क्योंकि इस क्षेत्र में 2026 तक 60 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश होने का अनुमान है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com