अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भूचाल ला दिया है। अल जज़ीरा इंग्लिश और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार खाड़ी देशों ने गैस और तेल के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी है। कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों ने ‘Force Majeure’ का ऐलान कर दिया है, जो एक ऐसा कानूनी नियम है जिसका इस्तेमाल आपातकाल में कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने के लिए किया जाता है। Strait of Hormuz के रास्ते जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इसका सीधा असर दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई पर पड़ रहा है।

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एक्सपोर्ट रोकने की मुख्य वजह क्या है?

ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच 28 फरवरी 2026 से ‘Operation Epic Fury’ के तहत युद्ध शुरू हुआ था। इसके बाद से खाड़ी देशों के कई एनर्जी प्लांट और रिफाइनरी पर हमले हुए हैं। जान और माल के खतरे को देखते हुए इन देशों ने गैस और तेल सप्लाई रोक दी है।

  • Qatar: कतर दुनिया का 20% LNG सप्लाई करता है। रास लफान और मेसाइद प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद 4 मार्च को कतर ने गैस प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट रोक दिया है।
  • Kuwait: 7 मार्च को कुवैत ने कच्चे तेल के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी। इसका कारण जहाजों की कमी और समुद्री रास्तों में सुरक्षा का खतरा बताया गया।
  • Bahrain: सिट्रा रिफाइनरी पर हमले के बाद 9 मार्च को बहरीन ने भी एक्सपोर्ट सस्पेंड कर दिया।

इन रोक के कारण Shell और TotalEnergies जैसी बड़ी कंपनियों ने भी कतर से गैस न मिलने पर अपने कॉन्ट्रैक्ट सस्पेंड किए हैं। भारत सरकार ने भी हालात को देखते हुए घरेलू गैस सप्लाई को घरों और पावर प्लांट के लिए सुरक्षित करने का फैसला लिया है।

Strait of Hormuz बंद होने से आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। फिलहाल यह कमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह से बंद है। समंदर में मिसाइल और माइंस के खतरे को देखते हुए किसी भी बीमा कंपनी ने तेल ले जाने वाले जहाजों का इंश्योरेंस करने से साफ मना कर दिया है।

  • कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है, जो युद्ध शुरू होने के बाद से 40% ज्यादा है।
  • जानकारों का मानना है कि अगर यह रास्ता बंद रहा तो तेल के दाम 200 डॉलर तक पहुंच सकते हैं।
  • यूरोप और एशिया में गैस (LNG) के दाम कई सालों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं।

कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने साफ कहा है कि अगर आज युद्ध रुक भी जाए, तो गैस प्रोडक्शन को दोबारा पहले जैसा होने में कई हफ्ते या महीने लग जाएंगे। उन्होंने उन दावों को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि कतर अमेरिका में कीमतें बढ़ाने के लिए जानबूझकर गैस रोक रहा है।

युद्ध के ताजा हालात और बयान

पिछले 24 घंटों में ईरान ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। जवाब में इजराइल ने तेहरान में भारी बमबारी की है और कई एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने 2,500 से ज्यादा मरीन सैनिक और एक जंगी जहाज तैनात किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री के मुताबिक ईरान में अब तक 15,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले हुए हैं।

ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिकी बेस बंद नहीं होते, हमले जारी रहेंगे। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध तब खत्म होगा जब उन्हें ठीक लगेगा। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का मुख्य उद्देश्य ईरान में सत्ता बदलना है। मिडिल ईस्ट में रह रहे प्रवासी भारतीयों और व्यापार पर इस युद्ध का गहरा प्रभाव पड़ रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.