वाशिंगटन में आयोजित पेट्रो डिप्लोमेसी 2026 कॉन्फ्रेंस में क्रिसेंट पेट्रोलियम के सीईओ मजीद जाफ़र ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में चल रहा हालिया संकट केवल तेल बाजारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आने से पूरी दुनिया के व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा है। इस संकट की वजह से मोबाइल चिप्स, हवाई यात्रा और रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों के दाम भी प्रभावित हो रहे हैं।
गल्फ संकट से अब तक कितना हुआ नुकसान? जानिए आंकड़े
इस संकट की वजह से पूरी दुनिया को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मजीद जाफ़र के अनुसार, बुनियादी ढांचे को भारी क्षति हुई है और वैश्विक व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा बताया है। इसके कारण अर्थशास्त्रियों ने वैश्विक विकास के अनुमान को घटा दिया है और महंगाई बढ़ने की चेतावनी दी है।
| नुकसान का प्रकार | कुल अनुमानित आंकड़ा |
|---|---|
| ऊर्जा बुनियादी ढांचे को सीधा नुकसान | 60 अरब डॉलर से अधिक |
| राजस्व और व्यापार का कुल नुकसान | 150 अरब डॉलर से अधिक |
| दैनिक व्यापार नुकसान की दर | 1 अरब डॉलर प्रतिदिन से अधिक |
| बाजार से गायब हुआ तेल | 1 अरब बैरल से अधिक |
खाड़ी देश अब क्या उठा रहे हैं कदम?
इस संकट से निपटने के लिए खाड़ी देशों की सरकारें अब अपनी रणनीतियों में बड़ा बदलाव कर रही हैं और नए रास्तों की तलाश में जुट गई हैं।
- वैकल्पिक मार्ग का निर्माण: होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्भरता कम करने के लिए जमीन के रास्ते नए रूट बनाए जा रहे हैं।
- रणनीतिक भंडारण: तेल और गैस को सुरक्षित रखने के लिए कई अलग-अलग स्थानों पर भंडारण क्षमता को बढ़ाया जा रहा है।
- घरेलू स्तर पर काम: खाड़ी देश अब केवल कच्चा तेल निर्यात करने के बजाय अपने ही देश में नए उद्योग लगाने पर ध्यान दे रहे हैं।
- इराक में काम का विस्तार: सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद क्रिसेंट पेट्रोलियम ने इराक में अपना काम जारी रखा है और पिछले एक साल में गैस उत्पादन में 50% की बढ़ोतरी की है, जिसे अमेरिकी सरकार के डीएफसी का समर्थन प्राप्त है।
क्या नागरिक ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अपराध है?
मजीद जाफ़र ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए साफ तौर पर कहा कि किसी भी देश द्वारा नागरिक ऊर्जा बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक युद्ध अपराध माना जाता है। इससे न केवल उत्पादक देशों के लोगों पर असर पड़ता है, बल्कि एशिया के गरीब देशों की अर्थव्यवस्थाओं और वहां रहने वाले आम लोगों के जीवन पर भी इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब आने वाला समय केवल कार्यकुशलता का नहीं बल्कि सुरक्षा और मजबूती का होगा ताकि ऐसी अनपेक्षित घटनाओं का मुकाबला किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गल्फ संकट का आम लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ रहा है?
इस संकट से केवल ईंधन की कीमतें ही नहीं बढ़ रही हैं, बल्कि मोबाइल में इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स, हवाई यात्रा और रोजमर्रा के खाने-पीने के सामानों की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है जिससे महंगाई बढ़ रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
इस जलमार्ग से दुनिया का लगभग 20% तेल, एक तिहाई फर्टिलाइजर (खाद) और सेमीकंडक्टर बनाने के लिए जरूरी 40% हीलियम गैस का व्यापार होता है।
