खाड़ी देशों में ऊर्जा केंद्रों पर हुए हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने जानकारी दी है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने तय लक्ष्यों को पूरा कर रहा है। इन हमलों का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गई हैं। यह घटनाक्रम खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर बड़ी चुनौती पैदा कर सकता है।

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किन ठिकानों को बनाया गया निशाना और क्या रहा असर?

ईरान की ओर से किए गए इन हमलों में कतर, UAE और सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसकी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:

  • कतर के Ras Laffan गैस सुविधा केंद्र पर हमला किया गया है।
  • सऊदी अरब और UAE के ऊर्जा केंद्रों को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
  • हमलों के तुरंत बाद कच्चे तेल (Oil) की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गईं।
  • अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि वाशिंगटन इस स्थिति के बावजूद अपने उद्देश्यों पर मजबूती से काम कर रहा है।

भारतीय प्रवासियों और आम आदमी पर क्या होगा इसका प्रभाव?

खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि ऊर्जा क्षेत्र में अस्थिरता का असर सीधे उनकी ज़िंदगी पर पड़ता है। अगर तेल की कीमतें इसी तरह बनी रहीं, तो एयरलाइन टिकटों के दाम और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, खाड़ी में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा और वहां की आर्थिक स्थिति पर भी इसका गहरा असर होने की संभावना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तनाव से सप्लाई चेन बाधित हो सकती है जिससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com