पश्चिम एशिया में चल रहे विवाद के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए राहत की खबर है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को बताया कि पिछले एक हफ्ते में लगभग 90,000 लोगों ने गल्फ क्षेत्र से भारत की यात्रा की है। हालात को देखते हुए सरकार और एयरलाइंस मिलकर काम कर रहे हैं ताकि लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा सके। DGCA ने सभी उड़ानों के लिए 100 प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है।

फ्लाइट ऑपरेशंस और कैंसिलेशन का क्या है हाल

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2 से 8 मार्च के बीच करीब 90 हजार यात्रियों ने सुरक्षित सफर किया। 9 मार्च को गल्फ से भारत के लिए 50 उड़ानें शेड्यूल की गई थीं। इससे पहले 7 और 8 मार्च को भी 100 के करीब उड़ानों ने सुचारू रूप से काम किया और हजारों लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया। हालांकि विवाद के कारण अब तक भारतीय एयरलाइंस की 279 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। कतर एयरवेज की सेवाएं भी काफी हद तक प्रभावित हुई हैं क्योंकि कतरी एयरस्पेस अभी बंद है।

क्या बढ़ गए हैं फ्लाइट के टिकट के दाम

पश्चिम एशिया के कई देशों जैसे ईरान, इराक और इजरायल के एयरस्पेस को हाई रिस्क घोषित किया गया है। इसके कारण उड़ानों को दूसरे रूट से भेजा जा रहा है जिससे ईंधन का खर्च और सफर का समय दोनों बढ़ रहा है। एयरलाइंस का इंश्योरेंस खर्च भी 1 करोड़ रुपये तक महंगा हो गया है। इन सब कारणों से टिकट की कीमतों में 10 से 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। मंत्रालय ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि टिकट के दाम बहुत ज्यादा न बढ़ाए जाएं और आम आदमी को परेशानी न हो। IndiGo जैसी कंपनियों ने 31 मार्च 2026 तक टिकट कैंसिलेशन और बदलाव पर फीस माफ करने का ऐलान किया है।

यात्रियों की मदद के लिए सरकार क्या कर रही है

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों की सहायता के लिए पैसेंजर असिस्टेंट कंट्रोल रूम (PACR) शुरू किया है। एयरसेवा प्लैटफॉर्म के जरिए अब तक 1,400 से ज्यादा शिकायतों का समाधान किया गया है। दुबई, अबू धाबी, मस्कट और शारजाह जैसे प्रमुख इंटरनेशनल हब से उड़ानें लगातार जारी हैं। मंत्री राम मोहन नायडू ने राज्यसभा में कहा कि स्थिति में जल्द सुधार होने की उम्मीद है जिससे और ज्यादा लोग बिना किसी परेशानी के अपना सफर पूरा कर सकेंगे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.